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शहर में खुले हैं मौत के मैनहोल

मानसून के आगमन से पहले मंगलवार को हुई हल्की बारिश ने ही नाला सफाई की कलई खोल दी है। शहर की सड़कें तलैया बनने लगी हैं। तय है कि मानसून में शहर फिर से जलमग्न होगा। इससे भी बड़ी परेशानी यह है कि सड़कों पर खुले सीवर के मैनहोल और गड्ढे बरसात में बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। जलकल विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है।

बारिश में शहर का ऐसा कोई इलाका नहीं है, जहां पानी नहीं भरता हो। निचले इलाकों में कई दिन तक जलभराव रहता है। लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ती है। सड़कों पर कई फुट तक पानी होता है। इस कारण खुले मैनहोल और गड्ढों को पता नहीं चलता है। इससे हादसे होते हैं। कॉलोनियों की सड़कों के साथ मुख्य मार्गों का भी बुरा हाल है।

एक अनुमान के मुताबिक, शहर में करीब 45,000 सीवर के मैनहोल हैं। जलकल विभाग के अधिकारी बताते हैं कि अधिकांश खुले मैनहोल बंद कर दिए हैं। जबकि हकीकत यह है कि करीब 8-10 हजार मैनहोल खुले हैं। आवास विकास कॉलोनी में ही 100 से अधिक मैनहोल खुले हैं। सबसे बुरी हालत पुराने शहर में है। यहां सीवर लाइन करीब 60-70 वर्ष पुरानी है। यह जर्जर हो चुकी है। कहीं मैनहोल सड़क में धंस गए हैं तो कहीं टूट चुके हैं। बारिश होने पर लोग सीवर के गड्ढों में बांस की छपट्टी और उस पर लाल कपड़ा लगाकर लोगों को सावधान करते हैं।

यहां खुले पड़े हैं मैनहोल

आवास विकास कॉलोनी:

आवास विकास कॉलोनी में कई स्थानों पर मैनहोल खुले पड़े हैं। लोहामंडी रोड सेक्टर चार की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर वर्षों से मैनहोल खुला है। बोदला रोड पर सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। इसकी वजह से वहां बुरा हाल है।

लॉयर्स कालोनी:

लॉयर्स कॉलोनी शहर की पॉश कॉलोनी है। यहां से आगे बढ़ने पर सर्विस लेन पर ही सीवर का ढक्कन खुला है। लोगों ने यहां पत्थर लगा दिया है ताकि हादसा न हो। पत्थर से टकराकर भी दो पहिया वाहन सवार दुर्घटना का शिकार होते हैं।

गुलाब गली (पुराना शहर):

पार्षद रवि माथुर के मुताबिक, पुराने शहर में बुरा हाल है। यहां गुलाब गली, पीपल मंडी, सिंगी गली में कई सीवर के ढक्कन खुले हैं। सीवर लाइनें नालों में पंक्चर कर दी गई है। इससे और परेशानी बढ़ गई है। इस ओर विभाग का ध्यान नहीं है।

प्रकाश नगर, यमुनापार:

यमुनापार के प्रकाश नगर इलाके में कहीं सीवर लाइन हैं तो कहीं नहीं हैं। जहां सीवर लाइन हैं वहां भी दिक्कत होती है। लोगों ने बताया कि सीवर लाइनें और नाले चोक हैं। इसकी वजह से जलभराव होता है। अफसरों का इस ओर ध्यान नहीं है।

राजामंडी बाजार:

राजामंडी बाजार शहर का सबसे व्यस्त बाजारों में से एक है। यहां भीषण जलभराव होता है। चौराहे पर सीवर का मैनहोल खुला पड़ा रहता है। लोहे के ढक्कन को कभी लगा दिया जाता है तो जलभराव होने पर उसे हटा दिया जाता है।

बाईंपुर सिकंदरा:

बाईंपुर सिकंदरा में भी स्थिति बुरी है। यहां की सड़कों में गहरे गड्ढे हो गए हैं। जलनिकासी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से यहां भी लोगों को परेशानी होती है। इन गड्ढों में गिरकर लोग दुर्घटना का शिकार होते हैं।

चोरी हो जाते हैं लोहे के ढक्कन

पुराने शहर में सीवर के ढक्कन लोहे के लगे हैं। सबसे पड़ी परेशानी यह है कि लोहे के ढक्कन चोरी हो जाते हैं। पार्षद राकेश जैन बताते हैं कि चोर ऑटो लेकर आते हैं और मैनहोल को तोड़कर लोहे के ढक्कनों को ले जाते हैं। अब सीमेंट के ढक्कन लगाए जाते हैं।

12 हजार सीमेंट के ढक्कन खरीदे

जलकल विभाग ने करीब 12,000 सीमेंट के ढक्कन खरीदे हैं। पूर्व जीएम मंजू रानी गुप्ता के समय में 8000 सीमेंट के ढक्कन खरीदे गए थे। उनके बाद अधिकारियों ने करीब 4000 ढक्कन और खरीदे हैं लेकिन अभी तक सीवर के मैनहोल बंद नहीं हो पाए हैं।

मैनहोल में गिरकर यहां हुए हादसे

- 2013-2014 में धांधूपुरा एसटीपी के खुले मैनहोल में गिरे युवकों की मौत हो गई थी।

- 15 अगस्त 2017 में फतेहाबाद रोड पर पांच वर्ष के मासूम की मौत।

- 26 जनवरी 2016 को पंजाब की महिला डाक्टर की सीवर में गिरकर मौत।

- 2014 में अमरपुरा गांव के पास सीवर के गड्ढे में दो बाइक सवारों की मौत।

- 2016 में न्यू आगरा थाने के पास सीवर धंसने की वजह से एक व्यक्ति की मौत।

- 2018 में न्यू आगरा थाने के पास ही उसी स्थान पर एक और व्यक्ति की हुई थी मौत।

- मई 2019 में बोदला में सीवर की खुदाई की वजह से व्यक्ति की स्कूटी से गिरकर मौत।

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आवास विकास कॉलोनी की सीवर व्यवस्था पहले ही खस्ता है। यहां सीवर के मैनहोल के ढक्कन भी खुले हुए हैं। पिछले दिनों अधिकारियों से वार्ता की थी, तब जाकर कुछ मैनहोल के ढक्कन लगे हैं। अभी तमाम खुले पड़े हैं।

सुषमा जैन, पार्षद आवास विकास

पुराने शहर का बुरा हाल है। सीवर लाइन जर्जर हो चुकी हैं और मैनहोल की दीवारें धराशाई हो चुकी हैं। इस वजह से सीवर का ढक्कन रुकता नहीं है। थोड़ा दबाव पड़ने पर ढक्कन टूट जाता है या सीवर में समा जाता है।

रवि माथुर, पार्षद काला महल

केदारनगर में कई ढक्कन खुले हैं। यहां भीषण जलभराव होता है। राम नगर पुलिया वाला नाला भी खुला है। इसकी वजह से बरसात में आए दिन हादसे होते हैं। साकेत कॉलोनी में पिछले वर्ष एक साइकिल सवार नाले में समा गया था।

राहुल चौधरी, पार्षद

सीवर के ढक्कनों के मामले में जलकल विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है। उनसे कहा गया है कि सभी जेई अपने-अपने क्षेत्रों में टीम भेजकर ढक्कनों की जांच कराएं। जहां भी मैनहोल खुला मिले, उसे तुरंत ठीक किया जाए।

अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त

मैनहोल कभी टूट जाते हैं तो जानकारी मिलते ही तुरंत मरम्मत की जाती है। पिछले कुछ महीनों में करीब 250 मैनहोल तो मैंने ही अपने क्षेत्र में दुरुस्त कराए हैं। अन्य जोन में भी लगातार काम चल रहा है। जरूरत के मुताबिक ढक्कन खरीदे जाते हैं।

राजेंद्र आर्य, अधिशासी अभियंता जलकल

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  • Web Title:Manholes in the city are open