तीन दिन में नहीं बनीं अपार आईडी, तो मान्यता पर खतरा
Agra News - अपार आईडी बनाने में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। कई विद्यालयों ने गलत डेटा भरा है और सैकड़ों स्कूलों ने आईडी नहीं बनाई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्कूलों को तीन दिन में डेटा सुधारने का आदेश दिया है।...

अपार आईडी बनाने में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। कुछ विद्यालयों ने गलत डाटा पोर्टल पर डाल दिया है, जबकि सैकड़ों स्कूलों ने अब तक एक भी आईडी जनरेट नहीं की है। स्कूलों की इस लापरवाही पर जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने सख्ती दिखाते हुए स्कूलों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर डाटा सही करने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर स्कूलों की मान्यता खत्म करने की चेतावनी दी है। डीआईओएस कार्यालय की अपार जनरेशन रिपोर्ट में पोर्टल पर 29 और 30 जनवरी को 25167 आईडी जनरेट दिखाया गया, जबकि चेक करने पर पता चला कि केवल 9367 आईडी ही बनी हैं। इस लापरवाही पर डीआईओएस ने अपार आईडी बनाने में शिथिलता और विभाग को गुमराह करते हुए गलत जानकारी देने पर जिम्मेदारों को तत्काल स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। विलंब करने पर दंडात्मक कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। डीआईओएस ने बताया कि 5 लाख की अपार आईडी बनानी है। उन्होंने बताया कि दो दिन में 39 राजकीय का काम खत्म किया जाएगा। इसके बाद वित्तविहीन और सहायता प्राप्त कॉलेजों को लिया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा होने तक अपार आईडी बनाने पर लगे रोक: वहीं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने बोर्ड परीक्षा समाप्त होने तक अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) बनाने से रोकने की मांग की है। अपार आईडी निर्माण की वजह से बोर्ड परीक्षा की तैयारियों, प्रयोगात्मक परीक्षा के संपादन व अधूरे पाठ्यक्रम को पूरा करने में कठिनाई हो रही है। तकनीकी कठिनाइयों के कारण अपार आईडी का काम पूरा न होने के कारण प्रदेश के अनेक जनपदों में शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है।
क्या है अपार आईडी
अपार आईडी कार्ड में नाम, पता, पैरेंट्स का नाम, फोटो के साथ-साथ छात्र-छात्राओं की अकादमिक से लेकर स्पोर्ट्स तक की हर छोटी-बड़ी डिटेल होगी। साथ ही मार्कशीट, कैरेक्टर सर्टिफिकेट, स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट सहित अन्य दस्तावेज भी मौजूद होंगे। अगर कोई छात्र एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी, ओलिंपियाड या फिर किसी स्पोर्ट्स में नेशनल या इंटरनेशनल लेवल पर खेलता है, तो इसकी जानकारी भी इस आईडी कार्ड में दर्ज कराई जाएगी। अपार आईडी कार्ड बनाने से स्टूडेंट्स को बेहद फायदा होगा। अगर वे एक स्कूल छोड़कर किसी दूसरे स्कूल जा रहे हैं, तो उन्हें सभी दस्तावेज लेकर नहीं जाने पड़ेगें। वे अपनी इस यूनिक आईडी कार्ड का नंबर देखकर सब डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं। बता दें कि इस आईडी कार्ड का इस्तेमाल पूरे देश में किया जाएगा और यह कभी नहीं बदलेगा। सरकार को भी एक जगह छात्र-छात्राओं का डाटा प्राप्त होने के बाद योजनाएं बनाने में आसानी होगी।
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