बंधक संपत्ति के फर्जी कागजात बना लिया लोन, पांच पर मुकदमा
बैंक में बंधक रखी गई संपत्ति के फर्जी कागजात बनाकर लोन लेने के आरोप में दो महिलाओं समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। आरोप है कि इन्होंने एक करोड़ 30 लाख का लोन धोखाधड़ी से स्वीकृत कराया और बैंक को दो बार किस्त नहीं चुकाई। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया।

बैंक में बंधक रखी गई संपत्ति के फर्जी कागजात बनाकर लोन लेने के आरोप में दो महिलाओं समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। सीजेएम शारिब अली ने आरोपित साझीदार मनोज कुमार आदि पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश थानाध्यक्ष हरीपर्वत को दिए। एसबीआई की संजय प्लेस शाखा के डिप्टी मैनेजर अरविंद कुमार ने बैंक के अधिवक्ता धीरज कुमार के माध्यम से आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के बाबत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि इन्होंने 26 मार्च 2019 को मै. एमएस बर्तन भंडार नाम की भागीदार फर्म बनाकर एक करोड़ 30 लाख का लोन स्वीकृत कराया था।
जिसके लिए उन्होंने अपनी दो अचल संपत्ति एवं अन्य कागजात बैंक में बंधक रखे थे। विपक्षी द्वारा किस्त जमा नहीं करने पर दो बार खाता एनपीए हो गया। जांच करने पर ज्ञात हुआ कि विपक्षी द्वारा धोखाधड़ी से उक्त लोन स्वीकृत कराया गया। उनके द्वारा ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस द्वितीय में स्थित प्लॉट को पूर्व में भी एक और बैंक में बंधक रख लोन लिया था। उन्होंने बैंक का भी भुगतान नहीं किया था। जिस पर बैंक द्वारा पांच दिसंबर 2019 को उक्त संपत्ति को नीलाम कर दिया था। बंधक अन्य संपत्ति पर भी दो और बैंकों का लोन पाया गया। बैंक द्वारा जांच करने पर बर्तन का कारोबार करने को लिए लोन पर बर्तन का कोई स्टॉक नहीं पाया गया। यह भी आरोप है कि एक साझीदार द्वारा लोन की धनराशि 30 लाख अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। वहीं, दूसरे के आधार एवं पैन कार्ड में जन्मतिथि में अंतर पाया गया।
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