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18 अक्तूबर, 2020|7:07|IST

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लोन आवेदन निरस्त, रिश्वत का आरोप लगाया

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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के दो आवेदकों ने जिला उद्योग केन्द्र के दो कर्मियों के खिलाफ इंटेग्रेटेड ग्रीव रिड्रेसल सिस्टम (आईजीआरएस) पर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि लोन आवेदन को स्वीकृत कराने के नाम पर कुल राशि का दो फीसदी बतौर कमीशन मांगा गया। फिलहाल इस शिकायत की जांच चल रही है। शिकायतकर्ता से 20 अक्टूबर तक शिकायत के साक्ष्य के साथ पेश होने को कहा गया है। जगदीशपुरा क्षेत्र के रहने वाले शिकायतकर्ता सिकंदर जगरवाल एवं देवेन्द्र सिंह का आरोप है कि उनके लोन पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है। आरोप यह है कि उनका इंटरव्यू लिए बिना ही आवेदन निरस्त कर दिया गया। साथ ही शिकायत में इस बात की धमकी का जिक्र है कि बार बार आवेदन करने से स्थिति नहीं बदलेगी, जब तक कमीशन देयता नहीं होगी, आवेदन पास नहीं होगा।

निराधार है शिकायत

मौजूदा वित्तीय वर्ष से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के आवेदन की प्रक्रिया बदल गई है। अब आवेदन के बाद कंप्यूटर आधारित सॉफ्टवेयर में ही मार्किंग सिस्टम बना दिया गया है। आवेदन बैंक तक पहुंचने के लिए न्यूनतम स्कोर होना अनिवार्य होता है। जिसका आवेदन निरस्त किया जाता है, उसका वाजिब कारण पोर्टल आधारित सॉफ्टवेयर में ही होता है। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ चल रही है। ऐसे में विभाग के किसी कर्मी के हस्तक्षेप का सवाल ही नहीं उठता।

शरद टंडन, उप आयुक्त, उद्योग

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  • Web Title:Loan application canceled accused of bribery