
भक्तों ने किए कृष्ण की बाल लीलाओं के दर्शन
Agra News - ब्रजवासियों ने इंद्र के प्रकोप से बचने के लिए भगवान कृष्ण से प्रार्थना की। कृष्ण ने गिरिराज पर्वत को उठाकर उन्हें बचाया और इंद्र का अहंकार चूर कर दिया। इसके बाद से ब्रजवासी गिरिराज महाराज की पूजा करने...
ब्रजवासी इंद्र के कोप से भयभीत होकर कृष्ण से रक्षा की प्रार्थना करने लगे। तब भगवान कृष्ण ने गिरिराज पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया और अभिमानी इंद्र का अहंकार चूर-चूर कर दिया। उसी दिन से ब्रजवासी इंद्र की पूजा छोड़कर गिरिराज महाराज की पूजा करने लगे। यह विचार कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन भवन के 35वें स्थापना दिवस पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक भूपेंद्र पंड्या ने व्यक्त किए। शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने कृष्ण की बाललीला, गोवर्धन पूजन और माखन चोरी की झांकियां देखीं। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ रही है, भूपेंद्र पंड्या के मुख से इसे सुनने श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।

कथावाचक ने बताया कि कोई भी प्राणी यदि भगवान के समक्ष आ जाए तो वे उसका उद्धार कर देते हैं। भगवान ने ब्रज में रहकर अनेक बाल लीलाएं कीं। कृष्ण की प्रत्येक लीला दिव्य है और उसका आध्यात्मिक महत्व है। धूमधाम से गोवर्धन पूजन हुआ। झांकियों के साथ भजन ‘जोगनियां बन आयो छलिया नंदकिशोर... और ‘मुझे तुमने दाता बहुत कुछ दिया है... पर भक्त झूम उठे। कथा के मुख्य यजमान अध्यक्ष उमेश कंसल, शशि कंसल और दैनिक यजमान चेतन सिंघल रहे। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष मनीष गोयल, सुनील गोयल, जगदीश चंद गर्ग, अंबरीश मित्तल, आकाश अग्रवाल, मुरारी लाल अग्रवाल, अनुज विकल, हरिशंकर अग्रवाल, दिलीप गोयल, अतुल बंसल, रोहित गोयल, सुभाष चंद अग्रवाल और सीए जेपी अग्रवाल ने श्री महापुराण की आरती की।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


