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'इज्जत' नहीं बचा पाए 'इज्जतघर'

‘इज्जतघर खुद अपनी ‘इज्जत नहीं बचा पाए। ताजनगरी में ऐसे 30 इज्जतघरों (पिंक टॉयलेट) की घोर बेइज्जती हो रही है। इनके शुरू होने से पहले ही टोंटियां, पाइप, ड्रेन पाइप चोरी हो गए हैं। नगर निगम के अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

शहर में महिलाओं के लिए प्रसाधन का प्रबंध नहीं है। सार्वजनिक शौचालयों के अलावा बाजारों, भीड़ वाले इलाकों, मुख्य मार्गों के आसपास बहुत कम साधन हैं। लिहाजा स्मार्ट सिटी के तहत 30 पिंक टॉयलेट बनाए गए थे। निर्माण का ठेका निजी कंपनी को दिया गया था। इसमें 26 इज्जत घर टू-सीटर और शेष फोर सीटर हैं। देशी और पाश्चात्य दोनों तरह की सीटें हैं। इनमें एलईडी बल्ब, एग्जास्ट, वाश बेसिन, रैंप और सीढ़ियां लगाई गई थीं। लंबे समय तक इन्हें पानी और सीवर के कनेक्शन ही नहीं मिले। लिहाजा काफी समय तक टॉयलेट में ताले ही लगे रहे। कनेक्शन होने के बाद निजी कंपनी ने सभी टॉयलेट नगर निगम को हैंडओवर कर दिए। अब हालात यह हैं कि इनके वाश-बेसिन में लगी प्लास्टिक की टोंटियां चोरी हो गई हैं। इसी के नीचे लगा ड्रेन पाइप भी नहीं है। कई जगह चढ़ने के लिए सीढ़ियां लगाई गई थीं। यह भी गायब हो गई हैं। और तो और, पाइप और सीवर के कनेक्शन के लिए डाले गए पाइप भी चुरा लिए गए।

51 लाख रुपये की रकम बेकार

टॉयलेट निर्माण में निगम के करीब 51 लाख रुपये खर्च हुए हैं। मोटे अनुमान के मुताबिक टू-सीटर टॉयलेट की लागत करीब 1.5 लाख रुपये आई है। 26 टू-सीटर टॉयलेट के हिसाब से यह 39 लाख रुपये हुआ। जबकि चार फोर सीटर की लागत 12 लाख रुपये है। इसे मिलाकर करीब 51 लाख रुपये खर्च हुए हैं। धन की बर्बादी हुई है।

एजेंसी ने महिलाएं नहीं लगाईं

पिंक टॉयलेट का निर्माण करने वाली कंपनी ने इन्हें नगर निगम को हैंडओवर कर दिया है। निगम ने इसके रख-रखाव का जिम्मा दूसरी कंपनी को दिया है। इस कंपनी को हर टॉयलेट की देखरेख और सफाई के लिए महिला कर्मचारी तैनात करनी थीं। यह नहीं हो पाया है। यही कारण है कि तमाम टॉयलेट बंद पड़े हैं। अनेकों में चोरियां हो चुकी हैं।

30 रख नहीं पाए, 100 के सपने

नगर निगम का हाल देखिए। शहर में 30 टॉयलेट की देखरेख कर नहीं पाए। जबकि शहर में ऐसे 70 और टॉयलेट बनाने पर विचार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में महिलाओं से किसी तरह का शुल्क नहीं वसूलना है। जो भी खर्चा होगा, स्मार्ट सिटी को वहन करना होगा। लिहाजा इसके रख-रखाव के लिए किसी बेहतर विकल्प पर विचार करना पड़ेगा।

ऐसे हैं इज्जत घर

- टू-सीटर का साइज 42 बाई 32 इंच।

- टिन की चादरों के बीच पफ का पैनल।

- भारतीय और पाश्चात्य दोनों शौचालय।

- पानी के लिए 500 लीटर पानी की टंकी।

- स्टील और प्लास्टिक के पाइप लगाए।

- टॉयलेट के बाहर लगाए गए टाइल्स।

- चेहरा देखने के लिए अंदर लगा शीशा।

- हाथ धोने के लिए बाहर है वाशबेसिन।

- रोशनी के लिए दो एलईडी बल्ब लगाए।

- हवा बाहर फेंकने को दो एग्जास्ट लगे हैं।

- रेलवे में प्रयोग होने वाली टोंटियां लगाईं।

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