DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आगरा में बच्चों की पढ़ाई को किडनी बेचेगी मां!

आगरा में बच्चों की पढ़ाई को किडनी बेचेगी मां!

ताजनगरी की एक मां अपने बच्चों की महंगी पढ़ाई का खर्च उठाने की खातिर किडनी बेचेगी। खुद की स्वयंसेवी संस्था के बैनर से उसने इस आशय का एक इश्तिहार सोशल मीडिया पर दिया है। इस पेशकश में परिवार का दर्द बयां किया गया है। परिवार की आर्थिक तंगी के लिए नोटबंदी को जिम्मेदार ठहराया है। किडनी बेचने की पेशकश से यह मां शासन-प्रशासन में उच्च स्तर तक अपनी गुहार पहुंचा चुकी है। लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो सकी है। यह है मामला रोहता स्थित ईको कॉलोनी में किराए पर रह रही आरती शर्मा का कहना है कि वह और उसके पति अपने चार बच्चों की स्कूल की फीस भरने में समर्थ नहीं हैं। कोई अन्य चारा न देख बच्चों की मां ने अपनी किडनी बेचने की पेशकश की है। आरती के अनुसार उनके पति मनोज का गारमेंट का व्यवसाय था। वह दुकानों को सिले सिलाए कपड़े कमीशन पर लाकर देता था। नोटबंदी का निर्णय आया तो उनका कारोबार ठप हो गया। उधारी और अन्य कारणों से वह लोग तबाह हो गए। हालात ऐसे हुए कि उनकी तीन लड़कियों और एक लड़के की नए सेशन की फीस भी जमा न हो सकी। हालात ऐसे हो चुके हैं कि उनके पास खाना खाने को भी पैसे नहीं है। नहीं सुनी गई गुहार आरती के अनुसार उन्होंने जिला प्रशासन से आर्थिक मदद मांगी थी। लेकिन यह नहीं मिल सकी। आला अधिकारी से मुलाकात में अपना दर्द रखा, मगर मदद नहीं मिली। जवाब मिला कि वह कुछ नहीं कर सकते। महिला का आरोप है कि एक अधिकारी के कमरे में मौजूद लोगों ने उसकी गरीबी का मजाक भी उड़ाया। काम नहीं आई सीएम से मुलाकात आरती शर्मा ने बताया कि उन्होंने 29 अप्रैल को लखनऊ जाकर सीएम के दरबार में अपनी अर्जी दी। वहां उनसे मुलाकात तो हुई, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली। जबकि लखनऊ जाने के लिए उन्होंने बड़ी मुश्किल में रकम जमा की। पत्नी का निर्णय आरती के पति मनोज शर्मा के अनुसार किडनी बेचने का निर्णय उनकी पत्नी का है। वह खुद किराए का वाहन चला कर चार से पांच हजार रुपये महीने कमाते हैं। इस राशि में मकान का किराया तक नहीं भर पा रहे। मकान मालिक से कमरा खाली करने की धमकी मिली है। उनसे प्रशासन से अपेक्षा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनको कुछ राशि लोन में मिल जाए तो वह छोटा-मोटा काम शुरू कर देंगे। और गृहस्थी को पटरी पर लाने की कोशिश करेंगे। घर पर लटका ताला आपके अखबार हिन्दुस्तान के संवाददाता को गुरुवार शाम को इस परिवार के घर पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों से पूछा तो पता चला कि कहीं चले गए हैं। एक दो लोगों ने इस परिवार के एनजीओ जन सहयोग संगठन के विषय में भी बताया। इनकी तरफ से विवाह आदि के कार्यक्रम कराने की बात भी कही। काफी खोजबीन के बाद संवाददाता को यह परिवार अपने एक रिश्तेदार के घर पर मिला। इनका कहना है डीएम के निर्देश पर मामले की जांच की गई है। स्कूल वाले से भी पूछताछ की गई। स्कूल संचालक ने कहा है कि फीस न मिलने पर बच्चों का नाम नहीं काटा गया है। पढ़ाई में कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री राहत कोष से इस परिवार को पांच लाख रुपये दिलाने की संतुति की जा रही है। रजनीश मिश्रा, एसडीएम, सदर

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:In agra Mother will sell kidney to children's education!