Five lives burnt by cylinder fire four died in Mainpuri - मैनपुरीः सिलेंडर की आग से जलकर पांच जिंदा जले, चार की मौत DA Image

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मैनपुरीः सिलेंडर की आग से जलकर पांच जिंदा जले, चार की मौत

1 / 2मैनपुरी में शव आने पर कार्रवाई करती पुलिस।

2 / 2मैनपुरी में 28 अप्रैल को हुए भीषण अग्निकांड में बची युवती।

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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम फरेंजी में सिलेंडर से लगी आग से जलकर घायल हुए चार लोगों की मौत हो गई। 28 अप्रैल को ये हादसा हुआ था। दिल्ली में उपचार के दौरान चारों ने दम तोड़ा। हादसे में घायल 20 वर्षीय युवती भी जीवन मृत्यु से संघर्ष कर रही है। दो शवों का दिल्ली में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं दो शव शुक्रवार को गांव लाए गए तो कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिसबल लेकर मौके पर पहुंच गए। गांव पहुंचे दोनों शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। 
घटना 28 अप्रैल को शाम 7:30 बजे के करीब हुई। ग्राम फरेंजी निवासी केशराम शंखवार के घर में उनकी पत्नी खाना बना रही थीं। तभी घर के घरेलू सिलेंडर में गैस लीकेज हुई और अचानक आग लग गई। आग बुझाने के प्रयास में उनकी पत्नी 40 वर्षीय गुड्डी देवी, 20 वर्षीय पुत्री गौरी, 18 वर्षीय पुत्र गोविंद, 22 वर्षीय पुत्री नीलम तथा 12 वर्षीय पुत्री नीतू रसोई में पहुंच गए और आग बुझाने लगे। किसी तरह रसोई का लोहे का गेट बंद हो गया और ये पांचों उसमें बंद हो गए और आग की चपेट में आकर बुरी तरह जल गए। घटना के समय केशराम घर से बाहर थे। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने मौके पर जाकर मुश्किल से आग बुझाई।

पहले गौरी और नीतू बाद में गुड्डी और गोविंद ने तोड़ा दम 

गंभीर रूप जलकर घायल हुए पांचों लोगों को सैफई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां हालत बिगड़ी तो पांचों को दिल्ली रैफर कर दिया गया। पांचों घायलों को परिवारीजन दिल्ली स्थित राममनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। लेकिन वहां उन्हें भर्ती नहीं किया गया। इसी बीच पर्याप्त उपचार न मिलने के चलते पहले गौरी और नीतू ने दम तोड़ दिया।  हालत बिगड़ने पर परिजन गुड्डी और गोविंद को लेकर वापस सैफई के लिए दिल्ली से निकले लेकिन रास्तें में इन दोनों की भी मौत हो गई।

पिता ने दिल्ली में दो शवों का किया अंतिम संस्कार 

गौरी और नीतू की दिल्ली में मौत होने के बाद पिता केशराम ने उन दोनों का अंतिम संस्कार वहीं करा दिया। गुड्डी और गोविंद के शव शुक्रवार की सुबह गांव लाए गए। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ फरेंजी गांव पहुंच गई। जानकारी मिलते ही तहसीलदार किशनी, जिला अग्नि शमन अधिकारी मनु शर्मा, थाना प्रभारी किशनी आशीष कुमार भारी पुलिसबल के साथ गांव पहुंच गए। गमगीन माहौल में दोनों शवों का अंतिम संस्कार करा दिया गया।

घायल नीलम भी भाई के साथ गांव पहुंची 

दिल्ली से उपचार के लिए बड़े भाई जीतू के साथ घटना में जलकर घायल हुई नीलम भी गांव आ गई। दोनों भाई बहनों का रो रोकर बुरा हाल था। परिवार के अन्य लोग भी बुरी तरह रो रहे थे। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से ग्रामीण भी गमजदा थे। गांव में घटना से किसी भी परिवार में चूल्हे नहीं जले। हर किसी के चेहरे पर घटना का दर्द नजर आया। खबर पाकर पहुंचे तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है।

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