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28 जनवरी, 2021|3:41|IST

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लगातार कमजोर हो रही है नॉर्थ-ईस्ट राज्यों की आर्थिक स्थिति

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डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि में चल रही इंडियन इकोनोमिक्स एसोसिएशन की तीन दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस में सोमवार को देशभर के विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किए। एसोसिएशन की 103वीं कॉन्फ्रेंस का आयोजन विवि के खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में किया जा रहा है। ऑनलाइन और ऑफलाइन हो रही कॉन्फ्रेंस में 40 से अधिक शोधार्थी और शिक्षकों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इसमें उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न आयामों की वर्तमान स्थिति और बदलाव की दिशा के बारे में बताया।

कॉन्फ्रेंस में नॉर्थ इर्स्टन हिल यूनिवर्सिटी के निदेशक प्रो. बी. मिश्र ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट राज्यों की राजकोषीय स्थिति संतोषजनक नहीं है। चिंताजनक स्थिति ये है कि इन राज्यों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। जिसका मुख्य कारण निम्न राजस्व, लगातार बढ़ता हुआ ऋण तथा निम्न पूंजी निर्माण है तथा पिछले वर्षों में इन आर्थिक संकेतकों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। सरकार की संरक्षणात्मक नीति ने नॉर्थ-ईस्ट राज्यों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया है।

प्रो. जी. रवि ने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में आवश्यकता है कि हम मानव संसाधन में निवेश करें। विविधताओं को पहचानते हुए साधनों का आवंटन किया जाए। जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय के प्रो. जमशेद ने कहा कि भारत सरकार ने जिस तरह से बिजली, सौर और अन्य अक्षय ऊर्जा के स्त्रोतों को इस्तेमाल किया है वह विश्व के अन्य देशों के लिए एक उदाहरण है। एचआर पीठ राष्ट्रीय ग्रामीण विकास, हैदराबाद के प्रो. राजेन्द्र पी. ममजन ने कहा कि प्रत्येक पहलू के सभी आयामों पर पुनर्विचार करते हुए अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य करने की आवश्यकता है। सेंट जोसफ कॉलेज बेंगलूरू के प्रो. डिसूजा ने विकास में तकनीकी के विभिन्न आयामों पर विस्तृत विचार अत्यन्त प्रभावी उदाहरणों द्वारा व्यक्त किए।

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  • Web Title:Economic condition of North-East states is getting weaker continuously