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6 अगस्त, 2020|7:09|IST

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डीआरएम ऑफिस ने पकड़ी डिजिटल पटरी की राह

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आगरा रेल मंडल में ई-ऑफिस शुरू हो गया है। अब डीआरएफ ऑफिस में चपरासी फाइलों को एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस हाथों में लेकर नहीं जाते। फाइल कंप्यूटर पर आती है और रिमार्क के साथ कंप्यूटर पर ही वापस चली जाती है। कोरोना काल में रेलवे डिजिटल पटरी पर तेजी से दौड़ने लगा है।

अधिकारी और कर्मचारी इंटरकॉम पर फाइलों की जानकारी साझा करते हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारी अपने कंप्यूटर पर एक क्लिक पर फाइल खोलकर उसका अध्ययन करता है और रिमार्क के साथ एक क्लिक पर ही वापस कर देता है। बीते दिनों शुरू हुए ई-ऑफिस ने सभी दफ्तरों में टेबलों पर फाइलों का बोझ कम कर दिया है। अब निश्चित समय के अंदर फाइलों को निपटाना अधिकारियों की मजबूरी बन गई है। प्रथम चरण में डीआरएम ऑफिस में ई-ऑफिस शुरू किया गया है।

अब गायब नहीं होंगी फाइलें

ई-ऑफिस शरू होने से न तो फाइलें गुम होंगी और न ही महत्वपूर्ण कागज गायब हो सकेंगे। फाइलों में लगे कागजों के अप्रूव होने में पहले लगने वाला लंबा समय अब नहीं लग रहा है। बता दें कि बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को पत्र लिखकर यह साफ कर दिया है कि कोरोना काल में कोई भी पत्राचार केवल ई-मेल के माध्यम से होगा। कोई भी कर्मचारी पत्र लेकर बोर्ड न पहुंचे। बोर्ड भी सभी जबाव ई-मेल के माध्यम से ही देगा।

डीआरएम ऑफिस में ई-ऑफिस शुरू हो गया है। 50 हजार से अधिक फाइलों को डिजिटलाइज करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब फाइलें एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस तक हाथ में नहीं, कंप्यूटर के क्लिक पर जाती हैं।

एसके श्रीवास्तव, पीआरओ

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