
विधि में सेमेस्टर के विरोध में आए कॉलेज
Agra News - डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि ने विधि की परीक्षाओं को सेमेस्टर प्रणाली में बदलने का निर्णय लिया है, जिसका कॉलेजों ने विरोध किया है। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन ने पुराने पैटर्न को लागू रखने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मुलाकात कर कहा कि इससे छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि की ओर से विधि की परीक्षा सेमेस्टर पर करायी जाएगी। विवि के इस फैसले के विरोध में कॉलेज आ गए हैं। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन ने विवि से बीच सत्र में परीक्षा के प्रारूप में बदलाव करने का विरोध किया है। साथ ही इस सत्र में पुराने पैर्टन को लागू रखने की मांग की है। सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. आशु रानी से मुलाकात कर सत्र 2025-26 में एलएलबी कोर्स को अचानक सेमेस्टर प्रणाली में बदलने के विश्वविद्यालय के फैसले का विरोध किया। प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति एवं परीक्षा नियंत्रक के समक्ष स्पष्ट किया कि इस सत्र में छात्र-छात्राओं के प्रवेश जून 2025 से ही वार्षिक प्रणाली के आधार पर शुरू हो चुके थे।
सभी सेल्फ फाइनेंस एवं एडेड लॉ कॉलेजों में पहले की तरह ही वार्षिक प्रणाली और एमसीक्यू आधारित परीक्षा के अनुसार पढ़ाई चल रही थी। 26 नवंबर को समाचार पत्रों के माध्यम से कॉलेजों को पता चला कि विश्वविद्यालय एलएलबी की परीक्षाएं सेमेस्टर एवं लिखित प्रणाली से कराने जा रहा है। इसके अगले ही दिन 27 नवंबर को कॉलेजों की लॉगिन पर इस संबंध में आधिकारिक पत्र अपलोड कर दिया गया। कॉलेज संचालकों विवि के निर्णय पूरी तरह अनैतिक और अव्यवहारिक करा दिया। इससे कॉलेज प्रशासन, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावकों में भयंकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। जून 2026 में होने वाली परीक्षाओं से महज कुछ महीने पहले इस तरह का बदलाव छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी कृपाल सिंह आर्य ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का यह रवैया न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह हजारों छात्रों के करियर को संकट में डाल रहा है। मीडिया प्रभारी बृजेश शर्मा ने कहा कि विवि का मिड-सेशन में थोपा गया यह आदेश स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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