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बोले कासगंज: डीजे के शोर ने छीना लोगों का सुकून, तय हों नियम

बोले कासगंज: डीजे के शोर ने छीना लोगों का सुकून, तय हों नियम

संक्षेप:

Agra News - कासगंज में शादी के दौरान डीजे बजाने को लेकर विवाद ने तीन लोगों की जान ले ली। डीजे की तेज आवाज और रात में बजने की जिद ने एक युवक को गुस्से में लाकर कार चढ़ाने पर मजबूर किया। इस घटना ने लोगों में डीजे के नियमों के पालन की आवश्यकता पर बहस छेड़ दी है।

Dec 06, 2025 10:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, आगरा
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शादियों के लिए मैरिज होम, होटल, गेस्ट हाउस समेत विवाह स्थलों पर दे रात तक बजने वाले डीजे और बारतियों-घरातियों द्वारा डीजे बजाने की जिद आए दिन लड़ाई झगड़े कराती है। कहां डीजे बजाने को लेकर विवाद तो कहीं आसपास लोगों की नींद हराम हो जाती है, कासगंज के गंजडुंडवारा में डीजे पर डांस करने की जिद से गुस्साए युवक की सनक ने तीन लोगों की जान ही ले ली। डीजे बजाने की जिद के बाद कार चढ़ाने से तीन लोगों की हुई मौत ने सभ्य समाज को झकजोर कर रख दिया है, लोगों की बीच इस बात की बहस छिड़ गई है कि, डीजे बजाने को लेकर शासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लागू नियमों का प्रभावी ढंग से पालन किया जाना चाहिए, जिससे मांगलिक कार्य हंसी खुशी पूरे हों और विवादों पर विराम लगे।

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आपके लोकप्रिय हिन्दुस्तान अखबार के बोले कासगंज संवाद में लोगों ने शादी विवाह और तरह तरह के मांगलिक कार्यक्रमों में बजने वाले डीजे के नियम पालन कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। जहां भी रात को दस बजे के बाद तेज आवाज में डीजे बजते मिले तो उन्हें तत्काल बंद कराकर नियम पालन कराया जाए। लोगों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए तय की गई ध्वनि के अनुसार डीजे बजाए जाएं। लोगों ने कहा कि हालत यह होती है कि, आवाज इतनी तेज होती है कि, दीवारों व दरवाजे खिड़कियों में कंपन होने लगती है, लोगों के हृदय और कानों पर सीधे बुरा आसार डालते हैं, जिससे मानसिक चिढ़चिढ़ापन की शिकायत होने लगती है, तेज धमक में आवाज सुनते सुनते कान सुन्न पड़ जाते हैं। उन्हें जिंदगी भर का दंश दे गया डीजे: गंजडुंडवारा के समीपवर्ती गांव नगला मंशा के एक परिवार के लिए मैरिज होम में परिवार में भाई की शादी में डीजे बजाने की जिद करते रिश्तेदार द्वारा गुस्सा होकर तीन लोगों पर कार चढ़ा दी। जिससे दो सगे भाईयों व उझानी के नगला सावंती से आए एक रिश्तेदार की मौत हो गई। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार बल्कि समूचे जिले को हिलाकर रख दिया है। पीड़ित परिवार को डीजे बजने का दंश हमेशा बुरी याद कराता रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि डीजे बजाए जाने के लिए नियमों का पालन तो होना चाहिए। जिससे विवाद होने से थमे और लोग हमारे गांव के परिवार में हुई घटना को सबक के रूप में देखें। प्रशासन ने आयोजनों के दौरान बजने वाले डीजे के लिए गाइड लाइन निर्धारित की हैं। यदि लोग इन गाइड लाइन का अनुपालन करें तो लोगों को राहत मिलेगी। डीजे तय समय तक ही बजाएं और आवाज नियंत्रित रखें। डीजे की तेज आवाज बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदायक है। - जावेद डीजे की तेज आवाज लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है। घर यदि किसी गेस्ट हाउस या बरात घर के पास हो तो दिक्कतें अधिक बढ़ जाती हैं। आयोजकों को चाहिए कि खुद व खुद नियमानुसार डीजे को बजाएं। जिससे आयोजन भी हों और लोगों दिक्कतें भी नहीं हो। -मुजफ्फर हुसैन शहरी व कस्बाई क्षेत्रों में विवाह समारोह व आयोजनों के दौरान डीजे की तेज आवाज से लोग परेशान हो जाते हैं। परिवार में यदि कोई व्यक्ति बीमार है तो उसके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। विवाह समारोह में डीजे की आवाज नियमानुसार हो। - विजयपाल विवाह समारोह व अन्य आयोजनों के दौरान लगातार डीजे की तेज आवाज से लोगों को स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। तेज आवाज से लोगों को मानसिक तनाव भी हो जाता है। जिससे कभी कभी लोगों के बीच विवाद की स्थित भी उत्पन्न हो जाती है। - प्यारे मियां शहर व कस्बों में जिन लोगों के घर गेस्ट हाउस व बारात घर के निकट होते हैं। उनके लिए देर रात तक बजने वाला डीजे की आवाज से दिक्कतें होती हैं। पढ़ने वालों बच्चों की पढ़ाई में भी परेशानी होती है। प्रशासन को गेस्ट हाउस संचालकों को नियमों की जानकारी देनी चाहिए। - अमीर अहमद प्रशासन को गेस्ट हाउस संचालकों व डीजे मालिकों को डीजे बजाने वाली गाइड लाइन के बारे में जागरूक करना होगा। जिससे डीजे व गेस्ट हाउस के संचालक इन नियमों का पालन करना शुरू कर दें। डीजे नियमानुसार ही बजाएं। लोगों को भी इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। - चांद मियां डीजे से होने वाले ध्वनि प्रदूषण से लोगों में मानिसक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। लगातार तेज आवास से उनकी नींद में खलल पड़ता है। जिससे उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हो जाती है। यह सामाजिक समस्या है। इसका हल जागरूकता से ही होगा। - मोहम्मद यूनुस प्रशासन को चाहिए कि गेस्ट हाउस संचालक, डीजे के मालिक व आयोजकों को डीजे बजाने की गाइड लाइन की जानकारी देनी चाहिए। जिससे आयोजन खुद व खुद गाइड लाइन का अनुपालन करना शुरू कर दें। डीजे को नियमानुसार ही बजाने के लिए प्रेरित भी हों। -जाहिद विवाह समारोह व आयोजनों के दौरान लगातार डीजे की तेज आवाज से लोगों को समस्याएं होती हैं। घर यदि गेस्ट हाउस के पास है तो उसमें रहने वाले बच्चों के अध्यन में खलल पैदा होता है। इसलिए डीजे को नियमानुसार ही बजना सभी के लिए हितकर है। - कदम सिंह प्रशासन को विवाह व अन्य समारोहों के आयोजन से पूर्व गेस्ट हाउस के मालिक, डीजे के संचालकों के साथ बैठक कर डीजे बजाने की गाइड लाइन के अनुपालन के लिए प्रेरित व बाध्य करना चाहिए। आयोजनों की अनुमति से पूर्व डीजे बजाने के नियम बताने होंगे। - राजू गुप्ता डीजे को तेज आवाज में बजाने की लोगों में पृवत्ति कानूनी से ज्यादा सामाजिक समस्या है। इसे लोगों में जागरूकता फैलाकर स्थायी रूप से समाधान होगा। समारोहों के आयोजक खुद व खुद गाइड लाइन का अनुपालन करेंगे तो बेहतर होगा। इससे लोगों को ध्वनि प्रदूषण से राहत मिलेगी। - वीपी यादव विवाह समारोह व विभिन्न आयोजनों के दौरान लगातार तेज आवाज में डीजे बजाने से लोगों सामाजिक संबंधों पर बुरा असर डालता है। डीजे को तेज आवाज में बजाने को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। इसिलिए डीजे का गाइड लाइन के अनुसार बजना ही श्रेयस्कर है। -रोहित यादव डीजे की तेज आवाज से इंसान ही नहीं, पशु व पछी भी परेशान होते हैं। डीजे की तेज आवाज सुनकर पशु पक्षी अपने स्थान को छोड़कर दूर चले जाते हैं। इस समस्या का स्थायी समाधान बहुत आवश्यक है। इसके लिए अभियान चलाकर लगातार जागरूकता से ही संभव है। - श्यामवीर प्रशासन समय-समय पर लोगों के लिए डीजे व अन्य ध्वनि यंत्रों को बजाने की गाइड लाइन के लिए प्रेरित करता है। उसके बाद भी लोग गाइड लाइन का अनुपालन नहीं करते हैं। शादियों का सीजन चल रहा है। मैरिज हाेम के आसपास के घरों के लोगों को काफी परेशानी होती है। - रवि गुप्ता समाज के हर वर्ग में डीजे का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। लोगों में डीजे को तेज आवाज में बजाने की पृवत्ति भी लगातार बढ़ रही है। डीजे को तेज आवाज में बजाने की प्रतिस्पर्धा खतरनाक है। इसके रोकने के उपाय करने ही होंगे। डीजे को गाइड लाइन के अनुसार ही बजाना चाहिए। - सचिन कुमार