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सिर पर डेल्टा प्लस का खतरा, संसाधनों पर सुस्ती

हिन्दुस्तान टीम,आगराNewswrap
Sat, 10 Jul 2021 06:20 PM
सिर पर डेल्टा प्लस का खतरा, संसाधनों पर सुस्ती

यूपी में डेल्टा प्लस वायरस की दस्तक के बाद भी स्वास्थ्य विभाग संभावित तीसरी लहर से निपटने के इंतजाम को समय से पूरा नहीं कर पा रहे हैं। विभागीय अफसरों के समयबद्धता को लेकर किये गये दावे खोखले साबित हो रहे हैं। न तो ऑक्सीजन प्लांट ही चालू हुए हैं और ना ही आरटीपीसीआर लैब।

शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को लगातार कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस के बदलते स्वरूप के चलते चौकन्ना रहा जाए। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए समय रहते ही चिकित्सा संसाधन मजबूत कर लिये जाएं। जिससे इलाज में दिक्कतें नहीं उठानी पड़ें। इसके बाद भी जनपद के स्वास्थ्य अफसरों पर शासन की चिंता का असर नहीं दिखता। सबसे महत्वपूर्ण कोरोना की आरटीपीसीआर से जांच के लिए लैब का बनाकर तैयार कर ली गई लेकिन कमियों के चलते प्रयोगशाला कार्य शुरू नहीं कर पाई। जबकि एक सप्ताह से अधिक समय से सीएमओ अनिल कुमार जल्द ही लैब चालू होने का दावा कर रहे हैं। जानकारी मिली है कि लैब के तकनीकी कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। जिससे यहां कोरोना के नमूनों की जांच शुरू नहीं पा पाई है। उधर स्थिति पर नजर रखे हुए डीएम चन्द्रप्रकाश सिंह रविवार को लैब का निरीक्षण करके ताजा स्थिति का जायजा लेंगे। निरीक्षण को लेकर स्वास्थ्य विभाग में भी तैयारी की गई है।

गेल इंडिया नहीं तैयार करा सकी प्लांट :कासगंज। सीएमओ अनिल कुमार कई दिनों से दावा कर रहे थे कि आठ जुलाई को जिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील होकर काम करने लगेगा। जिससे जिला अस्पताल को ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकेगी। इससे ऑक्सीजन सिलेंडरों पर निर्भरता कम हो सकेगी। अब दो दिन और गुजर जाने के बाद भी प्लांट चालू नहीं हो सका है। सीएमओ इस संबंध में गेल इंडिया के इंजीनियरों के संपर्क में होने और कार्य को जल्द पूरा होने की बात कह रहे हैं।

वेंटिलेटर संचालन पर आगे नहीं बढ़ी बात :कासगंज। जिला अस्पताल के दो दर्जन वेंटिलेटरों के संचालन को लेकर भी बात आगे नहीं बढ़ रही है। इस मामले में पहली जरूरत एनस्टेथिक चिकित्सक की तैनाती को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सफलता नहीं मिल पाई है। यह हालत तो तब है जब इस मामले में प्रभारी मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री योगी तक अफसरों ने स्थिति से अवगत कराया है। चिकित्सकों को मरीजों के इलाज करने में वेंटिलेटरों से काफी सुविधा मिल सकती है।

वर्जन -आरटीपीसीआर लैब और ऑक्सीजन प्लांट के कार्य में जल्द ही कार्य पूरे होंगे। हम प्रयास में जुटे हैं। रोजाना कार्य की समीक्षा की जाती है वेंटिलेटरों के संचालन के लिए भी चिकित्सक की मांग की गई है।

अनिल कुमार, सीएमओ

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