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आगराचंद लोगों की लापरवाही से 50 करोड़ के कारोबार पर संकट

हिन्दुस्तान टीम,आगराPublished By: Newswrap
Thu, 23 Jul 2020 07:04 PM
चंद लोगों की लापरवाही से 50 करोड़ के कारोबार पर संकट

आगरा। वरिष्ठ संवाददाता

पुराने बाजार में भीड़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन द्वारा आगाह किए जाने को लेकर व्यापार मंडल पदाधिकारी परेशान हैं। उनकी तरफ से कारोबारियों से बार-बार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, मास्क का उपयोग करने, नियमित सेनेटाइजनेशन की अपील की जा रही है। कारोबारियों का कहना है कि यदि फिर से लॉकडाउन लग गया तो रक्षा बंधन पर्व की बिक्री प्रभावित होगी। ऐसा होने से यह क्षेत्र 50 करोड़ रुपये के कारोबार से वंचित हो जाएगा। आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल के अनुसार, यह स्थिति चंद लोगों की लापरवाही के कारण आई है। लोग नहीं मान रहे हैं।

ऐसे पड़ेगा प्रभाव

इस बार रक्षा बंधन पर्व सोमवार तीन अगस्त का है। थोक में राखियों की बिक्री अभी से शुरू हो जाती है। वहीं रेडीमेड गारमेंट के कारोबारी इस पर्व के लिए विशेष तैयारी करते हैं। इसी प्रकार चांदी पायल एवं चांदी की राखियों की तैयारी का भी यही समय है। वहीं दूसरी ओर रक्षा बंधन पर्व के चलते फुटवियर उद्योग को भी बड़ी मात्रा में कारोबार मिलता है।

चांदी उद्योग

देशभर की मंडियों में इस समय आगरा-मथुरा की चांदी पायल एवं चांदी राखियों की मांग आती है। यदि यहां नमक की मंडी, किनारी बाजार में इस कारोबार पर ब्रेक लगेगा तो कम से कम 20 करोड़ रुपये की बिक्री पर प्रभाव पड़ जाएगा। यह ब्रेक काफी मंहगा पड़ जाएगा।

काफी दिनों बाद त्योहार का काम चलना शुरू हुआ है। यदि इस समय बाजार बंद हो गया तो कारोबार को बड़ा घाटा होगा।

रिंकू बंसल, ज्वेलर

फुटवियर उद्योग

देश की मंडियों में सामान्य मांग तो कमजोर है। लेकिन रक्षा बंधन के लिए स्टॉक की मांग आती है। इसको देखते हुए छोटे कारखानेदार अपना माल तैयार करके हींग की मंडी में बेचते हैं। अनुमान के अनुसार लगभग 20 करोड़ रुपये की बिक्री प्रभावित होगी।

हम लोगों के पास मांग तो सीमित आती है, फिर भी इस पर्व पर बिक्री की शुरुआत तो कही जा सकती है। इससे दम मिलता है।

सरवन सिंह, फुटवियर निर्माता

खानपान उद्योग

सूखे मेवे से लेकर घेवर सहित अन्य मिठाइयां बिकती हैं। यह बिक्री एक दम से संभव नहीं। इसके लिए कच्चा माल तैयार करना होता है। जो कि अंतिम समय ग्राहक की स्थिति देखते हुए फाइनल टच दिया जाता है। कम से कम 05 करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा।

पुराने शहर में ही सूखे मेवे का काम है। शहर भर की मिठाई दुकानें भी यहीं पर निर्भर हैं। बफर जोन होने से बहुत मुश्किल हो जाएगी।

अशोक कुमार लालवानी, किराना डीलर

रेडीमेड एवं राखी

रेडीमेड की बिक्री शुरू हो जाती है। थोक में राखी की बिक्री इसी समय चरम पर होती है। एक तरफ दुकानदार एक और दो अगस्त को बाजार खोले जाने की मांग रख रहे थे। अब हालात ऐसे हैं कि हफ्ते में पांच दिन भी दुकान खोलने पर संकट मंडरा रहा। इन दोनों का नुकसान 5 करोड़ का होगा।

राखी की खरीद इतनी आसान नहीं कि आप एक ही बार में ले आएं। दो तीन बार में रेंज बनती है। दुकान बंद होने से मुश्किल होगी।

राजकुमार शाक्य, राखी विक्रेता

नुकसान नंबर गेम

चांदी उद्योग: 20 करोड़

फुटवियर उद्योग: 20 करोड़

खानपान उद्योग: 05 करोड़

रेडीमेड एवं राखी: 05 करोड़

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