
हत्या प्रयास में साक्ष्य के अभाव में आरोपित दो भाई बरी
Agra News - हत्या प्रयास के मामले में आरोपित भाइयों राममूर्ति और ओमकार को सबूतों के अभाव में दोष मुक्त किया गया। शिकायतकर्ता शकुंतला ने आरोप लगाया था कि 13 नवंबर 2016 को आरोपियों ने उनके पति महावीर पर हमला किया था। गवाहों के बयानों में विरोधाभास के कारण अदालत ने उन्हें निर्दोष मान लिया।
हत्या प्रयास के मामले में चुटैल के मेडिकल में उसके सीने पर दो घाव पाए गए, जबकि एक गोली चलने का कथन किया गया था। पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त न तो कोई हथियार बरामद किया न ही आरोपियों की मोटरसाइकिल, जिससे वह घटना के दौरान आए थे। गवाहों के बयानों में विरोधाभास के चलते अदालत ने आरोपित सगे भाइयों राममूर्ति और ओमकार निवासीगण निबोहरा को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त करने के आदेश दिए। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता अवधेश शर्मा ने तर्क दिए। वादी शकुंतला निवासी नगला भगतू निबोहरा ने थाना मंसुखपुरा में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी गांव के लोगों से पुरानी रंजिश चल रही है।

इसी रंजिशन में 13 नवंबर 2016 को अपनी पुत्री की ससुराल जाने के दौरान तासोड चौराहे पर मोटर साइकिल पर आए आरोपियों ने वादी को लात मार सड़क पर गिरा उसके पति महावीर के सीने में गोली मारकर गंभीर घायल कर दिया। हथियार लहराते हुए राजाखेड़ा की तरफ भाग गए। पुलिस ने आरोपित भाइयों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। मामले में चश्मदीद गवाह शकुंतला, उसके पति चुटैल महावीर, तहरीर लेखक ज्ञान सिंह, डॉ. राममोहन यादव, एसआई इंदल सिंह, विजय राम दीक्षित समेत 11 गवाह पेश किए। अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिए कि वर्ष 2015 में आरोपियों के भाई गजेंद्र की हत्या चुटैल के पुत्रों ने की थी। इसी मुकदमे में दबाव बनाने के लिए झूठा मुकदमा लिखा षड्यंत्र रचा था।

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