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सीएम से गुहार के बाद भी नहीं मिला स्कूल में प्रवेश

गरीब बच्चों को कॉन्वेंट स्कूलों में प्रवेश के लिए आरटीई जैसा कानून भी शिक्षा माफियाओं के आगे बौना हो गया है। आरटीई के तहत प्रवेश की हकीकत यह है कि सीएम के स्वयं आश्वासन देने के बाद भी उनसे मिले दो बच्चों का प्रवेश स्कूलों में मुमकिन नहीं हो सका है। जबकि अन्य सैकड़ों अभिभावक भी रोजाना एडमिशन की आस में स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं। 
शहर के गरीब बच्चों का प्रवेश अंग्रेजी स्कूलों में हो सके इसके लिए आरटीई जैसा कानून लागू किया गया, लेकिन इस कानून का मजाक बनकर रह गया है। प्रशासनिक अधिकारियों की ध्यान न देने से शिक्षा विभाग के अधिकारी इस कानून की धज्जियां उड़ा रहे है। सात मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बात की शिकायत शहर के तोता का ताल करवान गली निवासी मधु कुमारी और रेखा ने की थी। उन्होंने अपने बच्चों रोशन और दिलीप के भविष्य के लिए सीएम से गुहार लगाई थी। इस पर सीएम ने जल्द ही स्कूलों में प्रवेश दिलाने की बात कही थी। सीएम के आश्वासन देने के 23 दिन बाद भी अभी तक इन छात्रों का प्रवेश नहीं हो सका है। इतना ही नहीं आरटीई की दो लॉटरी में सैकड़ों बच्चें अभी भी प्रवेश की राह देख रहे है, लेकिन किसी भी अधिकारी को इन बच्चों की सुध नहीं है। 

सभी विद्यालयों को प्रवेश आरटीई के तहत लेना है। अगर किसी भी विद्यालय के खिलाफ किसी भी प्रकार की शिकायत आती है, तो उसके खिलाफ कारवाई की जाएगी। 
-गिरजेश चौधरी, एडी बेसिक 
 

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  • Web Title:Couldn't get admission after plea with CM