Agra News: 18 कोल्ड स्टोर में रखीं 20 लाख आलू की बोरियां, निकासी नहीं होने से चिंतित
Agra News: जनपद के 18 शीतगृहों में आलू की धीमी निकासी से शीतगृह स्वामियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले पांच महीनों में केवल 20-22% आलू की निकासी हुई है। आलू के भाव गिरकर 250-300 रुपये प्रति बोरी हो गए हैं। सरकार ने राहत योजना के तहत किसानों को भंडारण प्रभार में छूट और अनुदान देने की घोषणा की है।

Agra News: जनपद के 18 शीतगृहों में से आलू की धीमी निकासी से शीतगृह स्वामियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। आलू की नई फसल आने में अब तीन माह का ही समय शेष है। ऐसे में तीन माह में आलू की निकासी नहीं होने पर शीतगृह स्वामियों को काफी नुकसान होगा। रविवार को जिला शीतगृह संघ की बैठक में अध्यक्ष अरूण माहेश्वरी ने बताया कि जनपद के 18 शीतगृहों में लगभग 25 लाख बोरी आलू का भंडारण किया गया था। पिछले पांच महीनों में मात्र 20 से 22 प्रतिशत आलू की निकासी हो पाई है। शीतगृहों में रखे आलू में से करीब 25 प्रतिशत तक बीज के रूप में प्रयुक्त होता है।
इस समय शीतगृहों में 80 प्रतिशत आलू रखा हुआ है। ऐसे में 50 प्रतिशत खाने की खपत का आलू अभी भी फंसा हुआ है, जिसकी इतने कम समय में निकासी होना बड़ी चुनौती है। इस बैठक में शीतगृह स्वामियों ने कहा कि वर्तमान में कोल्ड स्टोरेज में आलू के भाव गिरकर मात्र ₹250-300 प्रति बोरी रह गए हैं। किसान की उत्पादन लागत इससे कहीं अधिक है। यदि इसमें कोल्ड स्टोरेज का किराया और मंडी तक ढुलाई का खर्च जोड़ दिया जाए तो किसान को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। शीतगृह स्वामियों में सचिव सुबोध मित्तल, कोषाध्यक्ष मुकेश शर्मा, संरक्षक विनीत बंसल, अजय कुमार, निशीथ गर्ग, शिवम अग्रवाल, राजकुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि, अच्छे भाव की उम्मीद में किसान निकासी नहीं कर रहा है, जिससे निकासी की रफ्तार बहुत धीमी है। इस बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस संकट का संज्ञान लेते हुए किसानों के लिए राहत योजना शुरू की है। इसके तहत किसानों को भंडारण प्रभार में 100 रुपए प्रति क्विंटल की छूट तथा बाजार भाव व उत्पादन लागत मूल्य के अंतर का अनुदान दिया जा रहा है। किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं।


