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डॉक्टरों को सीजएसटी के नोटिस, हड़कंप

हिन्दुस्तान टीम,आगराNewswrap
Thu, 28 Oct 2021 06:40 PM
डॉक्टरों को सीजएसटी के नोटिस, हड़कंप

सौ से भी ज्यादा नामचीन चिकित्सकों को सीजीएसटी के नोटिस से मेडिकल पेशे में हड़कंप की स्थिति है। इसको लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को सीजएसटी आयुक्त ललन कुमार से उनके संजय प्लेस स्थित कार्यालय में मिला और अपना पक्ष रखा। अधिकारी ने हर संभव सहयोग के लिए आश्वस्त किया। कहा कि नवंबर माह में एक कार्यशाला में टैक्स की स्थिति समझाई जाएगी। नोटिसों के निस्तारण को जनवरी 2022 में एक विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा।

आईएमए के प्रतिनिधिमंडल में शामिल अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय, उपाध्यक्ष डॉ. सचिन मल्होत्रा, सचिव डॉ. अनूप, डॉ. मोहन भटनागर ने पक्ष रखते हुए कहा कि चिकित्सा पेशा जीएसटी के दायरे में नहीं आता है। उसके बावजूद उनको नोटिस जारी हुए हैं। फेस्टिव सीजन के समय मिले इन नोटिसों से मेडिकल पेशे के लोग परेशान हैं। इस समस्या का उचित समाधान निकाला जाए।

आईएमए के प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि सभी सेवाएं कर मुक्त नहीं है। इसके बारे में उनको जानकारी देने के लिए वर्कशॉप का आयोजन नवंबर, 2021 के अंतिम सप्ताह में किया जाएगा। इसमें मेडिकल पेशे पर टैक्स से संबंधित सभी बारीकियों से अवगत कराया जाएगा ताकि भ्रम की स्थिति खत्म हो सके। इसके साथ ही उनको विभाग के विशेष नोडल अधिकारी एवं सहायक आयुक्त अनिल शुक्ला से संपर्क करने को कहा गया।

ऐसे जारी हुए नोटिस

कुछ अरसा पहले आयकर एवं जीएसटी विभागों के बीच आपसी करार हुआ था। इसमें दोनों विभागों ने सही टर्नओवर एवं आमदनी का आकलन करने के लिए एक दूसरे के करदाताओं की जानकारी साझा करना तय हुआ। सीजीएसटी को इसी करार के तहत आयकर विभाग से चिकित्सकों की आमदनी के सभी स्रोत मिले। उसमें से ऐसे कुछ स्रोत भी मिले जो कि सेवा कर से छूट के दायरे में नहीं आते। कुछ चिकित्सकों ने अपनी बिल्डिंग नर्सिंग होम को किराए पर दे रखी है। वहीं कुछ कॉस्मेटिक सर्जरी को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी।

सीजीएसटी के पास पूरी कुंडली

विभागीय सूत्रों ने बताया कि सीजीएसटी के पास मेडिकल पेशे की आय का पूरा विवरण है। चिकित्सा पेशा ही नहीं, अन्य माध्यम से भी उनकी आय हो रही है। इसमें किराए से होने वाली आमदनी के अलावा कई अन्य स्रोत भी शामिल हैं। सीजीएसटी की टीम कई महीनों से इस विवरण की पड़ताल कर रही थी। उसके बाद ही नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बीते साल भी इस तरह के नोटिस मेडिकल पेशे में जारी किए गए थे। लेकिन उस समय तक आयकर से अधिक सूचनाएं नहीं मिल सकी थीं। इस बार पूरी कुंडली है।

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