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एटा में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, हंगामा

शहर के चिकित्सक जयप्रकाश सक्सेना के क्लीनिक पर उपचार में लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। दोनों की मौत होने से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के पति ने चिकित्सक पर सुरक्षित प्रसव के लिए ढाई लाख रुपये में सौदा किया था। उसके बाद भी हालत गंभीर होने पर चुपचाप महिला को आगरा ले जाते हुए परिजनों ने पकड़ा। चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर किया हंगामा।

कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव मरथरा निवासी सत्येन्द्र ने अपनी पत्नी रानी को प्रसव पीड़ा होना पर सोमवार मध्यरात्रि 2 बजे सरकारी जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां पहला बच्चा होने पर पत्नी के कहने पर उन्होंने सरकारी अस्पताल के बजाय महाराणाप्रतापनगर स्थित डा. जयप्रकाश सक्सेना के क्लीनिक में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सक ने हालत गंभीर बताते हुए जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखने के लिए ढाई लाख रुपये मांगे। परिजनों ने महिला और बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए चिकित्सक को पहले दो लाख रुपये और बाद में पचास हजार रुपये प्रदान किए। उसके बाद सुबह सात बजे रानी ने पुत्री को जन्म दिया। उसके उपरांत अत्यधिक खून निकल जाने के कारण रानी की मौत हो गई। रानी की मौत से बौखलाए चिकित्सक उसके शव को आगरा उपचार कराने ले जाने के बहाने एंबुलेंस में डाल लिया। परिजनों के बार-बार इंकार करने पर चिकित्सक ने जैंसे-तैसे शव परिजनों को सौंपा। रानी को मृत देखते ही परिजनो में आक्रोश पनप गया। उन्होंने क्लीनिक पर हंगामा किया। इस दौरान चिकित्सक ने एंबुलेंस से मृतका के शव को जिला अस्पताल पहुंचवा दिया। महिला की मौत के दौरान शव को इधर-उधर ले जाने के दौरान ही नवजात बच्चों ने भी जिला अस्पताल परिसर में दम तोड़ दिया। जच्चा-बच्चा की मौत होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

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  • Web Title:child and mother died in hospital