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30 सितम्बर, 2020|2:38|IST

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अनंत चतुर्दशी और भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक मनाया

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दिगंबर जैन समाज के पर्यूषण महापर्व के अंतिम दिन मंगलवार को उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म एवं अनंत चतुर्दशी पर्व और भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक भक्ति भाव के साथ घरों में पूजा-पाठ करके मनाया गया। आचार्य श्री विनम्र सागर महाराज के मंगल प्रवचन ऑनलाइन श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर हरीपर्वत से प्रसारित किए जा रहे हैं।

आचार्य श्री ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शक्ति को महाशक्ति बनाने का आयाम है। ब्रह्मचर्य धर्म स्वयं की शक्तियों का स्रोत है। हमारी शक्तियां ईश्वर प्रदत्त हैं, लेकिन जब हम ईश्वर के फरमान को नजरअंदाज कर देते हैं, तब हम खुद को शक्तिहीन सा जानने लगते हैं। अपनी शारीरिक शक्ति की आत्मबल से हिफाजत करें। वही शारीरिक शक्ति हमारे भावों में वो शक्ति पैदा कर देगी, जिससे ईश्वरीय शक्तियां हमारे जेहन में समाविष्ट हो जाएंगी। मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि क्षमावाणी पर्व गुरुवार को आगरा के जैन समाज के लोग घरों में रहकर एक-दूसरे से क्षमायाचना कर मनाएंगे।

उत्तम ब्रह्मचर्य की पूजा अर्चना की गई

सेक्टर-सात आवास विकास कॉलोनी सिकंदरा में पर्यूषण महापर्व के मौके पर दसवें दिन उत्तम ब्रह्मचर्य की पूजा अर्चना की गई। जैन अनुयायियों ने ऑनलाइन कार्यक्रम में भाग लिया। पं. निर्देश शास्त्री ने कहा कि ब्रह्म का आचरण करना, आत्मा में लीन हो जाना ही ब्रह्मचर्य धर्म है। कुशील महापाप है, संसार परिभ्रमण का बीज है। ब्रह्मचर्य का पालन किए बिना सभी तप, त्याग और संयम निस्सार हैं। पूजन संगीतमय भक्तिमय के साथ हुआ। 108 मंत्रों द्वारा हवन किया गया। इस मौके पर हेमा जैन, विजय जैन, राकेश जैन, सुशील जैन, राहुल जैन आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:Celebrated Anant Chaturdashi and salvation of Lord Vasupujya