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25 अक्तूबर, 2020|10:46|IST

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छावनी परिषद की तहबाजारी वसूली भी हुई आधी

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आगरा। वरिष्ठ संवाददाता

कोविड-19 के चलते जहां आर्थिक गतिविधियां सुस्त हैं, वहीं छावनी परिषद भी इससे अछूता नहीं है। कोरोना काल में छावनी परिषद की कमाई भी घट गई है। छावनी को मिलने वाले तहबाजारी शुल्क में भी भारी कमी आई है। लॉकडाउन से पहले जितना पैसा तहबाजारी से मिलता था, उसका आधा भी अब नहीं मिल रहा है।

छावनी क्षेत्र में छोटे-बड़े मिलाकर 20 से अधिक बाजार हैं। इन बाजारों में अस्थाई रूप से छावनी की जमीन पर लोग अपना धंधा करते हैं। सब्जी, चाट-पकौड़ी, फास्टफूड सहित अन्य सामान की ठेल अथवा स्टॉल लगाने वालों से छावनी परिषद तहबाजारी वसूलता है। एक जून से अनलॉक-1 शुरू होने के बाद से शुरू हुई तहबाजारी वसूली अभी तक लॉकडाउन से पहले के लक्ष्य तक नहीं पहुंची है। छावनी परिषद के सूत्रों का कहना है कि पुलिस के डर से लोग ठेल-स्टॉल नहीं लगा रहे हैं।

पुलिस सोशल डिस्टेंसिंग न होने का हवाला देकर उन्हें हटा देती है। इससे हमारी तहबाजारी वसूली पर बड़ा असर पड़ा है। इस समय वसूली 50 प्रतिशत भी नहीं रह गई है। इस संबंध में छावनी परिषद के पीआरओ डॉ. अशोक शर्मा का कहना है कि नुकसान तो हो रहा है। तहबाजारी वसूली भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

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  • Web Title:Cantonment council half-price recovery also halved