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1 अगस्त, 2020|3:45|IST

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बकरीद आज, घरों में ही पढ़ी जाएगी नमाज

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ईद-उल-अजहा यानी कुर्बानी का पर्व बकरीद आज मनाई जाएगी। मुस्लिम भाई ईद की तरह ही अपने-अपने घरों में रहकर नमाज पढ़ेंगे। वहीं, आसपास मोहल्ले में ही कुर्बानी का हिस्सा तकसीम करेंगे। ईद-उल-अजहा की सामूहिक नमाज किसी भी मस्जिद में नहीं पढ़ी जाएगी। ईदगाह समेत अन्य मस्जिदों में पुलिस प्रशासन ने केवल पांच लोगों को ही नमाज पढ़ने की अनुमति दी है। फजर नमाज के बाद सभी अपने-अपने घरों में नमाज अदा कर घरों में ही कुर्बानी का पर्व मनाएंगे।

इस्लामिया लोकल एजेंसी के चेयरमैन हाजी असलम कुरैशी ने बताया कि बकरीद पर सामूहिक नमाज पढ़ने की अनुमति जिला प्रशासन ने किसी को नहीं दी है, केवल मस्जिद में पांच लोग ही नमाज अदा करेंगे। हर मस्जिद में पुलिस बल तैनात रहेगा। अमजद कुरैशी ने बताया कि सामूहिक कुर्बानी पर पूरी तरह से पाबंदी है। तीन दिन तक मुस्लिम समाज बकरीद पर्व मनाएगा। वहीं सूफी बुंदन मियां ने बताया कि बकरीद आपसी भाईचारा और सद्भाव के साथ मनाना चाहिए। किसी को तकलीफ न पहुंचे, किसी का दिल न टूटे। यह खास ख्याल रखना है। गरीबों और वंचितों का खास ख्याल रखना है। पूरी जिम्मेदारी के साथ इसे निभाना है। इस्लाम में पाकी और सफाई को ईमान का हिस्सा कहा गया है।

कुर्बानी हर मुसलमान पर फर्ज

मौलाना रियासत अली ने बताया कि कुर्बानी करना हर अक्लमंद, बालिग जो आर्थिक रूप से संपन्न मुसलमान का फर्ज है। आर्थिक रूप से संपन्न होने की इस्लाम में 52 तोला चांदी का मालिक या उसकी कीमत के बराबर रुपये होना होता है। इस्लाम में कुर्बानी करने वालो को अपने दोस्त, पड़ोसियों और गरीबों का ख्याल रखने की ताकीद की गई है। कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में विभाजित किया जाता है। एक हिस्सा गरीबों के लिए, दूसरा हिस्सा दोस्त और रिश्तेदार समेत परिचितों में तथा तीसरा हिस्सा अपने परिवार के लिए होता है।

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  • Web Title:Bakrid today Namaz will be read in homes