
धान की पराली को खेत में ही नष्ट कर सुपर सीडर से की मसूर बुबाई
संक्षेप: Agra News - पटियाली के गांव श्री नगला में कृषि अधिकारियों ने धान की पराली को नष्ट कर उसे खाद बनाया। इसके साथ ही किसानों को बीज वितरित करने के लिए मसूर की बुबाई की गई। अधिकारियों ने किसानों को पराली प्रबंधन और खाद बनाने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया है। यह पर्यावरण के लिए लाभदायक तरीका है।
पटियाली के गांव श्री नगला में स्थित राजकीय प्रक्षेत्र में कृषि अधिकारियों ने धान की पराली को खेत में ही नष्ट कर उसका खाद बनाया। उसके बाद किसानों को बीज वितरित करने के लिए सुपर सीडर से मसूर की लाइन से बुबाई भी की है। कृषि अधिकारियों ने खेतों में धान की पराली नहीं जलाने व पराली से खाद बनाने की प्रक्रिया के बारे में भी किसानों को जागरूक किया है। जिला कृषि अधिकारी डा. अवधेश मिश्र ने कहा कि राजकीय प्रक्षेत्र श्री नगला में सुपर सीडर से मसूर की बुबाई की गई है। इस फसल से होने वाले बीज को किसानों के बीच वितरित किया जाएगा।

किसानों को पराली से खाद बनाने के तरीके भी बताए हैं। पराली को खेत में सड़ाकर खाद बनाने से खेत की उत्पादकता बढ़ती है और प्रदूषण भी नहीं होता है। उन्होंने कहा कि सुपर सीडर से पराली प्रबंधन फसल की बुबाई करने का एक आधुनिक व पर्यावरणीय तरीका है। जिससे समय, श्रम व लागत तीनों ही बचते हैं। सुपरसीडर का रोटावेटर धान व गेहूं के अवशेषों को 10 से 12 इंच गहराई तक तक खेत की मिट्टी में मिलाएगा। किसान यह भी सुनिश्चित करें कि पराली पूरी तरह मिट्टी में दब जाए। जिससे पराली मिट्टी में जैबिक खाद में बदल जाएगी। मिट्टी की उर्वर क्षमता बढ़ेगी और किसान रासायनिक उर्वरकों की कम जरूरत होगी।

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