DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

लेफ्टीनेंट रणविजय का शव आते ही मचा कोहराम

जम्मू में हुए एक सड़क हादसे में आगरा के लाल लेफ्टीनेंट रणविजय सिंह की मौत हो गई। जख्मी हालत में उन्हें सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें बचाया नहीं जा सका। मंगलवार देर रात उनका पार्थिव शरीर शास्त्रीनगर, खंदारी स्थित उनके आवास पर पहुंचा। शव आते ही घर में कोहराम मच गया। बुधवार को गार्ड ऑफ ऑनर के बाद उनकी अंतिम यात्रा निकली।

आठ शास्त्रीनगर, खंदारी निवासी कर्नल एके सिंह के बड़े बेटे लेफ्टीनेंट रणविजय सिंह जम्मू में तैनात थे। डेढ़ साल पहले उनका चयन हुआ था। 24 मई की शाम वह एक कार्यक्रम में गए थे। वापस लौटते समय हादसा हुआ था। गाड़ी डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई थी। कार में मौजूद कैप्टन रक्षित सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। रणविजय सिंह को जख्मी हालत में ऊधम सिहं नगर के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें बचाया नहीं जा सका। हादसे की सूचना पर परिजन जम्मू पहुंच गए थे। मंगलवार रात 12 बजे उनका पार्थिव शरीर जम्मू से आगरा आया। घर पर रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ था। शव आते ही कोहराम मच गया। परिवार ने उन्हें लेकर बड़े-बड़े सपने देख रखे थे। पूरे परिवार को उन पर बहुत फख्र था। उन्हें वर्दी में देख घरवालों का सीना चौड़ा हो जाता था। सुबह करीब साढ़े आठ बजे सेना की टीम उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देने आई। उसके बाद उनकी अंतिम यात्रा निकली। पार्थिव शरीर को ताजगंज श्मशान घाट ले जाया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भीड़ जुटी थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:accident