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हादसों का हाईवे:यमुना एक्‍सप्रेस वे पर अब तक 705 लोग गंवा चुके हैं जान, ये है सबसे बड़ी वजह

yamuna express way

दिल्ली से आगरा जा रहे एम्स के सात डाक्टरों की कार यमुना एक्सप्रेस वे पर हादसे का शिकार हो गई। इसमें तीन डाक्टर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए। 

जिस एक्सप्रेस वे ने इन डाक्टरों की जान ली उस पर रोजाना कोई न कोई हादसा जरूर हो जाता है। जानकारी के मुताबिक 2012 से 2018 तक हादसों के हाईवे पर 705 लोगों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2012 में शुरू हुए यमुना एक्‍सप्रेस वे पर 2018 तक 4,900 सड़क हादसे हुए। इन सड़क हादसों में 8,205 लोग प्रभावित हुए जिनमें 7,500 लोग घायल हुए। बताया जा रहा है अधिकांश हादसे ओवरस्पीडिंग के चलते हुए। जिनमें 705 लोगों ने अपनी जान गंवाई। 

जानिए यमुना एक्सप्रेस वे के बारे में: 
- नोएडा-आगरा के बीच बने यमुना एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 15 अगस्त 2012 को हुआ था। 
- यमुना एक्‍सप्रेस वे पर अब तक 2.3 करोड़ ओवर स्‍पीड वाले वाहनों की पहचान हुई
-कार्रवाई के नाम पर बरती जा रही लापरवाही में मात्र 18 हजार का चालान 

हादसों का प्रमुख कारण तेज रफ्तार
- यमुना एक्‍सप्रेस वे पर लगातार सड़क हादसों की प्रमुख वजह तेज रफ्तार 
-सभी वाहनों के स्‍पीडोमीटर की सुइयां 160 से 180 किमी/घंटा पर अटकी मिलीं
- सर्वाधिक हादसे रात एक से तीन बजे के बीच जोकि करीब 82% हैं दर्ज किए गए 
- एयर प्रेशर अधिक होने से सीमेंटेड रोड पर वाहन चलाने से टायर गर्म होकर फट जाते हैं
- वाहनों पर नजर रखने के लिए 55 कैमरे और 19 सीसीटीवी कैमरे लगे 

कंट्रोल रूम में लगी स्‍क्रीनों पर भी वाहनों की जाती है निगरानी 
- कार के लिए स्‍पीड लिमिट 100 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए स्‍पीड लिमिट 60 
-गति सीमा के प्रति सचेत करने और जानकारी देने के लिए जगह-जगह संकेतक भी लगे 
 

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  • Web Title:705 people killed in yamuna expressway in last six years know biggest reason