प्रेमानंद महाराज से मिलने का गजब जुनून; कमर से कार खींचकर आगरा से वृंदावन पहुंचा पहलवान
आगरा के पहलवान गौरव चाहर ने संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए कमर से कार खींचकर 90 किलोमीटर की यात्रा पूरी की है। 2 अप्रैल से शुरू हुई यह यात्रा रविवार को वृंदावन पहुंची। गौरव का उद्देश्य महाराज का आशीर्वाद लेना और युवाओं को शक्ति व भक्ति का संदेश देना है।

UP News: धर्म नगरी वृंदावन में रोजाना हजारों भक्त अपने आराध्य और संतों के दर्शन के लिए उमड़ते हैं, लेकिन रविवार को आगरा से आए एक युवक ने भक्ति और शारीरिक शक्ति का जो प्रदर्शन किया, उसने सबको हतप्रभ कर दिया। आगरा का एक पहलवान अपनी कमर से रस्सी बांधकर कार खींचते हुए 90 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर कान्हा की नगरी पहुंचा। उसका यह जुनून संत प्रेमानंद महाराज की एक झलक पाने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए थी।
90 किलोमीटर का संघर्षपूर्ण सफर
आगरा के अकोला चाहर वाटी क्षेत्र के निवासी पहलवान गौरव चाहर ने अपनी यह हैरतअंगेज यात्रा 2 अप्रैल को अपने पैतृक गांव से शुरू की थी। चिलचिलाती धूप और पथरीले रास्तों की परवाह किए बिना, गौरव ने अपनी कमर में मोटी रस्सी बांधी और भारी-भरकम कार को खींचना शुरू किया। आगरा से वृंदावन की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है, जिसे उन्होंने रविवार को पूरा किया। जैसे ही वह कार खींचते हुए वृंदावन की सीमाओं में दाखिल हुए। स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ी। लोग इस दृश्य को अपने कैमरों में कैद करने लगे। 'राधे-राधे' के जयघोष से माहौल गुंजायमान हो गया।
परिजनों ने बढ़ाया हौसला
गौरव ने बताया कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन मन में संत प्रेमानंद महाराज से मिलने की इच्छा ने उन्हें रुकने नहीं दिया। इस पूरी यात्रा के दौरान गौरव के परिजन और उनके मित्र निरंतर उनके साथ रहे। वे न केवल गौरव का हौसला बढ़ाते रहे, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी कार के आसपास मौजूद रहे। गौरव का कहना है कि वे प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से बेहद प्रभावित हैं और उनसे व्यक्तिगत वार्ता कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं।
भक्ति और योग का संदेश
पहलवान गौरव चाहर का यह प्रयास केवल एक रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं था, बल्कि वे इसके जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने और शारीरिक सौष्ठव के साथ अध्यात्म से जुड़ने का संदेश देना चाहते हैं। हालांकि, रविवार को भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों के चलते उनकी मुलाकात महाराज से नहीं हो पाई, लेकिन उनका कहना है कि वे दर्शन किए बिना वापस नहीं जाएंगे।
संतों के प्रति ऐसी कठिन तपस्या और श्रद्धा भाव आज के दौर में विरले ही देखने को मिलता है। फिलहाल, सोशल मीडिया पर गौरव के इस कारनामे के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग उनकी इस कठिन 'कार-सेवा' की सराहना कर रहे हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही उनकी मुलाकात प्रेमानंद महाराज से होगी।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


