छांगुर गैंग से भी खतरनाक है आगरा धर्मांतरण गिरोह, हर सदस्य का काम बंटा था,ब्रेनवॉश के लिए विशेष टीम
छांगुर बाबा गिरोह को लेकर हो रहे खुलासे के बीच एक और धर्मांतरण गिरोह का खुलासा हुआ है। आईएसआईएस मॉडयूल की तरह काम करने वाला धर्मांतरण का यह गिरोह छांगुर बाबा गिरोह से भी ज्यादा खतरनाक है।

यूपी में छांगुर बाबा गिरोह के रोजाना खुलासों के बीच आगरा पुलिस ने धर्मांतरण करा रहे एक और खतरनाक गिरोह का खुलासा हुआ है। आईएसआईएस मॉडयूल की तरह काम करने वाला धर्मांतरण का आगर गिरोह छांगुर बाबा गिरोह से भी ज्यादा खतरनाक है। इसके गिरोह में हर सदस्य का काम बंटा था। ब्रेनवॉश के लिए विशेष टीम थी। पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार ने बताया कि गिरोह के लिए फंड प्राप्त करने के लिए, फिर विदेशों से आई रकम को एजेन्ट व अन्य कामों तक पहुंचाने, गिरोह के सदस्यों को सुरक्षित ठिकाना दिलाने, कानूनी राय दिलाने, नए फोन व सिम देने का काम अलग-अलग सदस्य करते हैं।
लड़कियों को जाल में फंसाने की अलग टीम
इसी तरह धर्मांतरण के लिए लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फंसाने के लिए अलग युवाओं की टीम गिरोह में है। इस टीम के लोग ही लड़कियों को कई तरह के सब्जबाग दिखाकर धर्मांतरण के लिए तैयार कर लेते थे। एक टीम धर्म परिवर्तन के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार कराती है। सबसे महत्वपूर्ण एक अलग टीम होती है। इस टीम में शामिल लड़के व लड़कियां जाल में फंसी युवतियों का अगर मन बदलने लगता था तो उनका ब्रेनवॉश करने में लग जाती थी।
कोलकाता के मुस्लिम क्षेत्र से बहनों को मुश्किल से निकाला
धर्मांतरण करा रहे इस हाईप्रोफाइल व खतरनाक गिरोह का पता चला तो सब कुछ बेहद गोपनीय तरीके से हुआ। डीजीपी राजीव कृष्ण व एडीजी अमिताभ यश को पूरी जानकारी दी गई। इसके बाद ही आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने आपरेशन अस्मिता के तहत जांच आगे बढ़ाई। इस बीच ही सामने आया कि आगरा में इस गिरोह के सम्पर्क में आकर अपना घर छोड़ कर भागी दोनों सगी बहनों का धर्मांतरण करा दिया गया है। इन दोनों बहनों का कोलकाता में होने का पता चला। पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी सिटी आईपीएस आदित्य के नेतृत्व में टीम बनाई।
पता चला कि दोनों बहनें कोलकाता के जिस क्षेत्र में है वह मुस्लिम बहुल्य इलाका है। इस पर आपरेशन को लेकर पूरी योजना बनाई गई। फिर एसीपी सैय्यद अली को टीम के साथ वहां भेजा गया। ये लोग पहले सादे कपड़ों में वहां रेकी किए, फिर वहां की पुलिस से मदद ली गई। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने वहां बड़े अफसरों से सम्पर्क साधा। इसके बाद कुछ और पुलिसकर्मी आगरा से भेजे गए, फिर अचानक ही वहां दबिश देकर दोनों बहनों को छुड़ा लिया गया। इनके साथ ही वहां से चार आरोपितों को पकड़ा गया, फिर एक-एक कर अन्य राज्यों से भी शेष आरोपितों को पकड़ लिया गया। पूरे आपरेशन के दौरान पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार आगरा से ही टीम का नेतृत्व करते रहे।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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