यूपी के आंदोलित Gen-Alpha को इंस्पेक्टर ने हड़काया, सीजेपी के दीपके और सौरव का मिला साथ
यूपी के हमीरपुर में अपनी मांगों को लेकर कलक्ट्रेट पर धावा बोलने वाले Gen-Alpha यानी छोटे बच्चों को पुलिसिया रौब का भी सामना करना पड़ा। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। वही, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता सौरव दास का भी बच्चों को साथ मिल गया है।
यूपी के हमीरपुर में स्कूल जाने वाली सड़क की बदहाली दूर करने जैसी मामूली सी समस्या को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे जेन-अल्फा यानी छठी से 12 तक के बच्चों को पुलिसिया रंगबाजी का सामना करना पड़ा। बच्चों को इस दौरान वहां मौजूद इंस्पेक्टर ने खूब हड़काया। इंस्पेक्टर के साथ मौजूद पुलिस वालों ने बच्चों को धकियाते हुए वहां से भगाने की कोशिश की। इस दौरान कुछ बच्चियों ने हिम्मत भी दिखाई और अपनी बातों को मुखर अंदाज में बयां किया। इंस्पेक्टर का बच्चों को इस तरह से धमकाते वीडियो सामने आया है। उधर, जंतर-मंतर पर आंदोलन से केंद्र की सरकार को भी झुका चुके कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके का साथ इन बच्चों को मिला है। अभिजीत ने बच्चों का वीडियो शेयर करते हुए इन्हें सैल्यूट किया है और इनका हौसला अफजाई करते हुए सरकार पर निशाना साधा है। प्रवक्ता सौरव दास ने भी बच्चों का वीडियो शेयर कर वेल डन लिखा है।
क्या है पूरा मामला
हमीरपुर में कुरारा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चंदूपुर से जुड़े करीब आधा दर्जन डेरों को जोड़ने वाली सड़क की दुर्दशा पर मंगलवार को जेन अल्फा का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क पर उतरे सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राएं नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को अपनी बात सुनाने के लिए उनके दफ्तर में घुसने की कोशिश की। इस दौरान करीब चार घंटे तक कलक्ट्रेट में अफरातफरी मची रही। एडीएम और एसडीएम समेत कई अधिकारी मनाने पहुंचे पर बच्चे उनकी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। वह सड़क के लिए डीएम से बात करना चाहते थे। लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। वहां की हालत देखकर डीएम सहित कई अधिकारी रास्ता बदलकर निकल गए।
बच्चों के सामने भी पुलिस का मोर्चा
बच्चों को कलक्ट्रेट में से निकालने के लिए भी पुलिस को लगा दिया गया। पुलिस वालों ने अपने चिर-परिचित अंदाज में बच्चों से जुबानी बदसलूकी शुरू कर दी। वहां मौजूद इंस्पेक्टर जिनका नाम रामकुमार बताया जा रहा है, इस तरह से पेश आए जैसे ये बच्चे नहीं किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता हों। बहुत हो गया, चल हट हट... इस तरह के शब्दों से बच्चों को वहां से भगाने की कोशिश शुरू कर दी।
ज्यादातर बच्चे भागने लगे, बच्चियों ने दिखाई हिम्मत
ज्यादातर बच्चे तो पुलिसिया खौफ से भागने लगे लेकिन कुछ बच्चियों ने हिम्मत दिखाई और अपनी बात रखने की कोशिश की। इस पर इंस्पेक्टर के साथ मौजूद पुलिस वालों ने उन्हें धकियाते हुए बाहर करने लगे। इस पर भी दो बच्चियों ने हिम्मत दिखाते हुए जमीन पर बैठ गई और कहा कि हम नहीं जाएंगे। हमारी मांगें पूरी कर दो, हमारी सड़क बनवा दो हम चले जाएंगे। इंस्पेक्टर और पुलिस वालों का यह इस तरह बच्चों को धमकाने का वीडियो सोशल मीडिया पर आया तो लोगों ने पुलिस के साथ सरकार को भी खूब सुनाना शुरू कर दिया।
अभिजीत दीपके का बच्चों को सैल्यूट
वहीं, स्कूल जाने के लिए बदहाल सड़क को ठीक कराने की मांग करने वाले बच्चों को सीजेपी के अभिजीत दीपके ने सैल्यूट किया है। दीपके ने बच्चों का इस तरह से कलक्ट्रेट पर धावा बोलने का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा कि अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे इन बच्चों को सैल्यूट। दीपके ने कहा कि वे सिर्फ अपने स्कूल तक जाने के लिए एक सड़क की मांग कर रहे हैं।
पूछा कि क्या आजादी के 80 साल बाद इतनी सी मांग बहुत ज्यादा है? यह काम तो दशकों पहले हो जाना चाहिए था। आगे दीपके ने लिखा कि आइए इस 15 अगस्त संकल्प लें कि ग्रामीण भारत के बच्चों और उनके स्कूलों के लिए काम करेंगे।
वहीं, सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर लिखा कि वेल डन जेन-अल्फा। हम यही चाहते थे। हर किसी को अपने भविष्य के लिए जिम्मेदारी लेनी ही होगी। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हमारी मौलिक अधिकार है। इसे सभी को मिलकर करना चाहिए। कहा कि अधिकारियों और जनसेवकों के सामने हाथ जोड़ना बहुत हुआ। बहुत हुई उदासीनता। बहुत हुआ भ्रष्टाचार। अब सत्ताधारी वर्ग के जवाब देने का समय आ गया है। आप जवाब दीजिए, वरना बाहर निकलिए।


