
लखनऊ में आतंकी की गर्लफ्रेंड के घर रेड के बाद भाई परवेज हिरासत में, एटीएस कर रही पूछताछ
दिल्ली ब्लास्ट के बाद लखनऊ का कनेक्शन सामने आया है। लखनऊ में आतंकी की गर्लफ्रेंड के घर रेड के बाद भाई परवेज हिरासत में ले लिया गया है। परवेज से एटीएस पूछताछ कर रही है।
दिल्ली में लाल किले के पास एक कार में धमाका के बाद सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं। फरीदाबाद से डॉ. शाहीन गिरफ्तार, जो आतंकी मुजम्मिल की गर्लफ्रेंड है। लखनऊ में ATS ने शाहीन के घर छापा मारा। शाहीन का भाई परवेज हिरासत में लिया गया है। परवेज से पूछताछ की जा रही है।
डॉ. परवेज की उम्र करीब 50 वर्ष होगी। उसने लखनऊ के गुड़म्बा स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में वर्ष 2021 में सीनियर रेजीडेंट के तौर पर नौकरी शुरू की थी। छह नवम्बर को उसने अचानक इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दे दिया था। इसकी वजह कोई नहीं जान सका था। पर, दिल्ली विस्फोट के बाद जब एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार सुबह उसके मड़ियांव के मुतक्कीपुर स्थित घर पर दबिश दी तो कई तरह के कयास लगाए जाने लगे।
छह नवम्बर को इंटीग्रल यूनिवसिटी से परवेज दिया था इस्तीफा
छापे के दौरान जैसे ही पता चला कि वह फरीदाबाद में आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के शक में पकड़ी गई डॉ. शाहीन अंसारी का सगा छोटा भाई है, तब उस पर एटीएस का शक और बढ़ गया। बताया जाता है कि चार नवम्बर से एटीएस और दिल्ली की खुफिया एजेन्सियों ने आतंकी गतिविधियों में लिप्त लोगों की धरपकड़ शुरू की, इस पर ही उसने इसी छह नवम्बर को इंटीग्रल यूनिवसिटी से इस्तीफा दे दिया। इसके एक दिन बाद तो वह दिखा पर अब कुछ पता नहीं चला।
बहन शाहीन की गिरफ्तारी के बाद मोबाइल बंद
एटीएस सूत्रों का कहना है कि डॉ. परवेज अंसारी का मोबाइल 48 घंटे पहले बंद हो गया। माना जा रहा है कि शाहीन की कार से एके 47 रायफल मिलने के बाद ही वह अपने घर पर ताला लगाकर फरार हो गया। उसके पिता शाहिद ने भी बताया कि वह उनसे अलग रहता था। पड़ोसियों ने बताया कि परवेज ने पांच-छह साल पहले यह मकान खरीदा था। वह करीब दो साल पहले यहां लगातार रहने लगे थे। वह अकेले ही रहते थे। कभी-कभार एक-दो लोग उनके साथ देखे गए लेकिन वह कौन थे...इस बारे में कभी बात नहीं हुई।
घर पर कार व बाइक मिली
एटीएस जब पहुंची तो डॉ. परवेज के घर ताला पड़ा मिला। डॉ. परवेज के घर के बाहर सफेद रंग की आल्टो खड़ी मिली। इसका नम्बर यूपी-11 बीडी 3563 था। कार के शीशे पर लखनऊ के गुड़म्बा स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का गेट पास लगा हुआ था। साथ ही घर के अंदर एक स्पलैंडर बाइक (यूपी 32 सीए 8537) खड़ी थी। इस पर डॉक्टर का लोगो लगा हुआ था। पड़ोसियों ने सिर्फ इतना ही बताया कि परवेज ज्यादा किसी से मतलब नहीं रखता था। वह बहुत कम ही यहां आता जाता था।
पड़ोस में लगे कैमरों को भी चेक किया गया
पुलिस ने आसपास लगे सीसी कैमरों को भी चेक किया। बताया जाता है कि पड़ोस के एक कैमरे की फुटेज देखी गई लेकिन उसमें कुछ संदिग्ध नहीं दिखा है।
दिल्ली विस्फोट के बाद लखनऊ में पहली छापेमारी
गुजरात में यूपी के दो युवकों समेत तीन आतंकियों की गिरफ्तारी, फिर दिल्ली में विस्फोट के बाद लखनऊ से तार जुड़ने लगे थे। इसी कड़ी में दिल्ली विस्फोट के बाद एटीएस और पुलिस की यह लखनऊ में पहली छापेमारी है। इस बारे में एटीएस लखनऊ में और ब्योरा जुटा रही है।
पत्नी से अलगाव था, वह नहीं आई यहां
मुतक्कीपुर के ग्राम प्रधान मो. इमरान बताते हैं कि छह साल पहले इस मकान को डॉ. परवेज ने खरीदा था। यहां अक्सर उनके पिता रहते थे। कभी-कभार हुई मुलाकात में परवेज यह बताते थे कि उनकी शादी बिहार से हुई थी लेकिन उससे मेल नहीं खाया। वह अब उनसे अलग रहती है। इसके अलावा वह ज्यादा अपने बारे में कुछ नहीं बताता था।
वर्ष 2011 में एरा मेडिकल कालेज से एमबीबीएस किया था परवेज ने
लखनऊ। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के मुताबिक परवेज ने वर्ष 2021 में उनके यहां नौकरी शुरू की थी। छह नवम्बर को उसने इस्तीफा दे दिया था। डॉ. परवेज ने लखनऊ के एरा मेडिकल कालेज से वर्ष 2011 में एमबीबीएस किया था। उसके बाद उसने आगरा के सरोजनीनायडू मेडिकल कालेज आगरा से इंटरनल मेडिसिन से वर्ष 2015 में एमडी की पढ़ाई की। फिर यहीं पर वह कुछ साल तक जूनियर रेजीडेंट भी रहा।

लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
और पढ़ें



