आईसीयू में हत्या के बाद अब सीटी स्कैन रूम में मर्डर, साथी छात्र ने ही पैरामेडिकल छात्रा को मार डाला
यूपी में आईसीयू में हत्या के 48 घंटे बाद ही सिटी स्कैन रूम में मर्डर हुआ है।पीलीभीत में पैरामेडिकल की छात्रा को उसी के साथ पढ़ने वाले छात्र ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर मार डाला है।

यूपी के मुजफ्फरनगर में आईसीयू में मामली बात पर मरीज की हत्या के बाद अब पीलीभीत में सिटी स्कैन रूम में छात्रा का मर्डरकर दिया गया है। चाकू से ताबड़तोड़ वार कर पैरामेडिकल की छात्रा की जान ली गई है। घटना मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के सीटी स्कैन रूम में हुई। बीच-बचाव करने आई अस्पताल की एक महिला कर्मचारी भी हमले में घायल हो गई। अस्पताल स्टाफ ने आरोपी छात्र को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग को लेकर हत्याकांड की बात सामने आई है। मृतका के पिता रोहिताश की तहरीर पर आरोपी सागर के खिलाफ हत्या का मुकदमा कोतवाली पुलिस ने दर्ज कर लिया है। इससे पहले रविवार की रात मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल के आईसीयू में लीवर से परेशान होकर भर्ती मरीज की बगल में भर्ती महिला मरीज के बेटे ने हत्या कर दी थी।
कानपुर स्थित थाना अरौल के ग्राम मड़ेवा निवासी सागर सिंह पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष का पैरामेडिकल का छात्र है। उसके साथ ही बरेली के केशरपुर निवासी 21 वर्षीय कशिश पटेल भी कोर्स कर रही थी। मंगलवार सुबह नौ बजे जिला अस्पताल के सीटी स्कैन रूम में सागर सिंह ने कशिश पटेल पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई अस्पताल की महिला स्टाफ निधि भी चाकू लगने से घायल हो गई।
घायल महिला के शोर मचाने पर अफरातफरी
घटना के बाद निधि के शोर मचाने से अफरातफरी मच गई। एकत्र हुए अस्पताल कर्मियों और सुरक्षा गार्डों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल छात्रा कशिश को प्राथमिक उपचार के बाद बरेली के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान दोपहर करीब दो बजे उसने दम तोड़ दिया।
बरेली के भोजीपुरा थाना पुलिस ने छात्रा के शव को कब्जे में लेकर बरेली में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी युवक पैरामेडिकल के तहत एक्सरे टेक्नीशियन और युवती सीटी स्कैन का कोर्स कर रही थी। एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
ताबड़तोड़ किए पांच वार, गर्दन की मुख्य नस कटने से मौत
आरोपी सागर सिंह ने सहपाठी पैरामेडिकल छात्रा कशिश पटेल पर चाकू से कई प्रहार किए। पोस्टमार्टम में उसके शरीर पर कुल पांच जख्म मिले हैं, जिनमें से गर्दन की मुख्य नस (जुग्लर वेन) कटने के चलते हुए अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हुई।
पोस्टमार्टम में सामने आया कि कशिश पटेल के शरीर पर चाकू से कुल पांच जख्म हैं। इनमें से सबसे बड़ा जख्म गर्दन में दायीं ओर है, जो कान से लेकर नीचे कंधे तक है। इसी प्रहार से उसकी जुग्लर वेन कटी और अत्यधिक रक्तस्राव से मौत हो गई। इसके अलावा उसकी पीठ में बायीं ओर, दूसरे कंधे, गर्दन में बायीं ओर और जांघ के पास भी चाकू का एक जख्म मिला है। पोस्टमार्टम के बाद रात करीब आठ बजे परिजन उसका शव लेकर केसरपुर पहुंचे। देर ज्यादा होने के कारण परिवार वालों ने कुछ ही देर में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
छात्र के पास से प्रोफेशन चाकू बरामद
घटना के बाद अस्पताल कर्मचारियों द्वारा पकड़े गए आरोपी छात्र सागर सिंह के पास से पुलिस ने एक प्रोफेशनल चाकू बरामद किया है। शुरुआती जांच के मुताबिक आरोपी बैग में चाकू लेकर मेडिकल कॉलेज के सीटी स्कैन कक्ष तक पहुंचा था। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक परिसर के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर निजी एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रहती है। इसके साथ ही पूरे परिसर की ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से निगरानी होती है। ऐसे में हत्या को अंजाम देना चूक की ओर इशारा करता है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने तीन सदस्यीय एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक, लापरवाही के स्तर और तकनीकी खामियों जैसे सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच करेगी। प्राचार्य ने कमेटी को दो दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट में जिस भी स्तर पर लापरवाही या कमियां पाई जाने पर संबंधित सुरक्षा एजेंसी या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुराना विवाद या अचानक हुआ हमला,जांच में जुटी पुलिस
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी सागर सिंह अपने साथ जो चाकू लेकर आया था, वह बिल्कुल नया और बेहद धारदार था। चाकू की स्थिति को देखकर पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या यह हमला अचानक उपजे किसी विवाद का नतीजा था या आरोपी ने पूरी योजना के तहत नया हथियार खरीदकर इस हत्याकांड की स्क्रिप्ट पहले से लिख रखी थी।
घटना की सुरक्षाधिकारी ने पुलिस को दी तहरीर
सीटी स्कैन कक्ष में हुई घटना से अफरातफरी मच गई। घटना को लेकर वहां के सुरक्षाधिकारी ने पुलिस को तहरीर दी है। कहा गया है कि कॉलेज में इस तरह से होने वाली घटनाओं को लेकर जांच पडताल की जाए। साथ ही आरोपी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
घटना के बाद बंद हो गया सीटी स्कैन का काम
कक्ष में घटना होने के बाद वहां पर काफी संख्या में अधिकारी पहुंच गए। वहीं वहां मौजूद मरीज भी घबरा कर बाहर चले गए। जांच आदि होने के चलते काफी देर तक कक्ष में सीटी स्कैन का काम भी बंद रहा। बताया जा रहा है कि घटना को देखते हुए कम ही लोगों के सीटी स्कैन हो सके।
पढ़ाई में होनहार थी कशिश पटेल
कशिश के पिता रोहिताश सिंह खेतीबाड़ी करते हैं और उसकी मां गिरिजा देवी गृहणी हैं। उसके चाचा पुष्पेंद्र क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। परिवार वालों ने बताया कि दो भाई बहनों में कशिश बड़ी थी। छोटे भाई आशीष पटेल ने इसी वर्ष दसवीं कक्षा पास की है। कशिश पढ़ने में होनहार थी और अपने पैरों में खड़े होकर परिवार का नाम करना चाहती थी। इसी वजह से परिवार वालों ने उसे पैरामेडिकल कोर्स में एडमिशन कराया। मगर उसकी मौत से परिवार को गहरा सदमा दे दिया है। परिजन ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रधानाचार्य डॉ. संगीता अनेजा के अनुसार सूचना मिलते ही हमारी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने छात्रा की सांसें बचाने के लिए सेंट्रल लाइन, ब्लड ट्रांसफ्यूजन और इंटुबेशन जैसे सभी जरूरी जीवनरक्षक उपाय किए थे। कार्डियोवैस्कुलर सर्जन की जरूरत को देखते हुए उसे 5 डॉक्टरों और लाइफ सपोर्ट दवाओं के साथ बरेली रेफर किया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। लापरवाही की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर रिपोर्ट मांगी गई है।
एसपी सुकीर्ति माधव के अनुसार प्रारंभिक जांच और आरोपी के पास से बरामद नए धारदार चाकू से स्पष्ट है कि घटना सोची-समझी योजना का हिस्सा हो सकती है। आरोपी छात्र सागर सिंह को हिरासत में ले लिया गया है। परिजनों की तहरीर और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी परमुकदमा दर्ज कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


