सड़क निर्माण को लेकर विवाद के बीच अधिवक्ता की मौत, SDM पर भड़का गुस्सा; धमकाने का आरोप
रविवार की दोपहर उपजिलाधिकारी राजस्व टीम के साथ मौके पर गए थे। वहां विवाद होने लगा। उसी दौरान बृजेन्द्र कुमार सिंह को दौरा पड़ गया और उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एसडीएम ने अधिवक्ता और उनके बेटों पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 20 साल के लिए जेल भेजने की धमकी दी।

UP News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर में रविवार को चकनाली पर सड़क निर्माण के विवाद के दौरान दिल का दौरा पड़ने से अधिवक्ता संघ बरहज के पूर्व अध्यक्ष बृजेंद्र कुमार सिंह की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एसडीएम बरहज ने विवाद के दौरान अधिवक्ता को धमकाया जिसके चलते उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बरहज तहसील में दर्जनों अधिवक्ता एकत्र हो गए और शव रख कर हंगामा शुरू कर दिए। इस संबंध में एसडीएम विपिन द्विवेदी का कहना है कि वे विवाद सुलझा कर लौट आए थे उसके बाद अधिवक्ता का निधन हुआ है। धमकाने का आरोप गलत है।
बरहज क्षेत्र की ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर में पंचायत द्वारा चकनाली पर सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। रोड और चकनाली अधिवक्ता बृजेन्द्र सिंह के दरवाजे से होकर जाती है। चकनाली पर सड़क निर्माण का वह विरोध कर रहे थे। यह विवाद तीन महीने से चल रहा है। उसी विवाद के समाधान के लिए रविवार की दोपहर उपजिलाधिकारी विपिन द्विवेदी राजस्व टीम के साथ मौके पर गए थे। वहां पर विवाद होने लगा। उसी दौरान बृजेन्द्र कुमार सिंह को दौरा पड़ गया और उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने अधिवक्ता और उनके बेटों पर गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 20 साल के लिए जेल भेजने की धमकी दी। एसडीएम की बात सुनते ही बृजेन्द्र सिंह नीचे गिर गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
तहसील बार के पूर्व अध्यक्ष के निधन की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता उनके घर पहुंचे और शव को लेकर बरहज तहसील में चले आए। वहां वे शव रख कर प्रदर्शन करने लगे। अधिवक्ता मुख्यमंत्री को मौके पर बुलाने के साथ ही एसडीएम, लेखपाल और ग्राम प्रधान पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। अधिवक्ताओं के प्रदर्शन की जानकारी होते ही प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन में रुद्रपुर के एसडीएम हरिशंकर लाल और सीओ हरिराम यादव को मौके पर भेजा गया।
उसी दौरान हिंदूवादी नेता प्रमोद सिंह के नेतृत्व में भीड़ ने एसडीएम रुद्रपुर को बंधक बना कर नारेबाजी शुरू कर दी। 15 मिनट की मशक्कत के बाद सीओ रुद्रपुर ने भीड़ से एसडीएम को छुड़ाया। सूचना पर क्षेत्रीय विधायक दीपक मिश्र शाका तहसील पहुंचे और अधिवक्ताओं को शांत कराया। मौके पर भलुअनी, मईल, खुखुन्दू, रुद्रपुर थाने की फोर्स बुला ली गई है। इस दौरान अधिवक्ता सिंह के अध्यक्ष चंद्रगुप्त यादव, श्रवण सिंह, नागेंद्र सिंह, नरेंद्र मिश्र पप्पू, ग्रीस वर्मा, अमरेश यादव, विपिन तिवारी, नागेंद्र मिश्र, अंगद तिवारी, प्रमोद सिंह, आकाश देवेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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