30 साल पुराने मामले में अभिनेता राज बब्बर बरी, पूर्व सांसद की सजा कोर्ट ने रद्द की

Deep Pandey लखनऊ, विधि संवाददाता
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30 साल पुराने मामले में अभिनेता राज बब्बर बरी हो गए हैं। राज बब्बर को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के फैसले को चुनौती देने वाली अपील को एमपी/ एमएलए कोर्ट स्वीकार करते हुए राजबब्बर को बरी कर दिया।

30 साल पुराने मामले में अभिनेता राज बब्बर बरी, पूर्व सांसद की सजा कोर्ट ने रद्द की

यूपी में वर्ष 1996 के चुनाव में मतदान के दौरान मतदान अधिकारी एवं अन्य कर्मचारियों से मारपीट के एक मामले में तत्कालीन सपा प्रत्याशी राज बब्बर को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के फैसले को चुनौती देने वाली अपील को एमपी/ एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण ने स्वीकार करते हुए राजबब्बर को आरोपों से बरी कर निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।

बुधवार को पूर्व सांसद राज बब्बर अपरान्ह करीब 2 बजे कोर्ट में हाजिर हुए। शाम लगभग 5:30 बजे अदालत ने कांग्रेस नेता राज बब्बर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनको निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दो साल की कैद और 6500 रुपए के जुर्माने की सजा को समाप्त कर दिया। राजबब्बर को 7 जुलाई 2022 को एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अम्बरीष श्रीवास्तव ने भारतीय दंड संहिता की धारा 143 में 6 महीने की कैद और 1000 रुपए का जुर्माना, 332 में दो साल की कैद और 4000 रुपए जुर्माना, 353 में एक वर्ष की कैद और 1000 रुपए का जुर्माना और 323 में 6 माह की कैद और 500 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

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क्या था मामला

पत्रावली के अनुसार मामले की रिपोर्ट 2 मई 1996 को तत्कालीन मतदान अधिकारी श्रीकृष्ण सिंह राणा ने वजीरगंज थाने में सपा प्रत्याशी राज बब्बर एवं अरविन्द यादव एवं अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि मतदान केंद्र संख्या 192/103के बूथ संख्या 192 पर जब मतदाताओं का आना बंद हो गया तो वह मतदान केंद्र से बाहर खाना खाने जा रहे थे। इसी बीच समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राजबब्बर अपने साथियों को लेकर मतदान केंद्र में आए एवं फर्जी मतदान का झूठा आरोप लगाने लगे। आरोप था कि आरोपियों ने उन्हें एवं शिव कुमार सिंह को मारापीटा, जिससे उन्हें चोट आई । इसी बीच मतदान केंद्र के बूथ संख्या 191 में नियुक्त मतदान अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव के अलावा वीके शुक्ला एवं पुलिस वालों ने बचाया। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद विवेचना की और राज बब्बर व अरविंद यादव के खिलाफ 23 सितम्बर 1996 को कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी अरविंद यादव की मृत्यु हो गई थी।

जनता के अधिकारों के लिए करता रहूंगा संघर्ष - राज बब्बर

30 साल पुराने मामले में बरी होने के बाद यूपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि वह जनता के अधिकारों के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उस समय के राजनीतिक परिदृश्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के उद्देश्य से मुझ पर इस प्रकार की कार्रवाइयां की गई थी जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण थीं। मैं कांग्रेस पार्टी का सिपाही हूं। देश के लोकतंत्र और संविधान में अपनी आस्था रखता हूं। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा तथा जनता के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करता रहूंगा।

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दीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।

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