
दिल्ली ब्लास्ट की जांच में एक और डॉक्टर, हापुड़ से मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर को उठाया
दिल्ली ब्लास्ट मामले में दिल्ली पुलिस ने हापुड़ के डॉक्टर को उठाया है। इससे पहले पुलिस कई और संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले चुकी है। पकड़े गए सभी लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
तीन दिन पहले दिल्ली में हुए ब्लास्ट मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हापुड़ के पिलखुवा स्थित जीएस मेडिकल कॉलेज में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर फारूक को दिल्ली पुलिस ने उठा लिया है। उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। जिस डॉक्टर को दिल्ली पुलिस ने उठाया है वह जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है। उसने फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस किया है। डॉक्टर फारूक करीब दो ढाई साल से जीएस मेडिकल कॉलेज के कैंपस में ही रह रहा था। पुलिस को डॉक्टर के आतंकी संगठन से जुड़े होने की आशंका लग रही है। इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने डॉक्टर फारूक को भी उठाया है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कई और लोगों को भी हिरासत में लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।

पुलिस ने जब्त किया लैपटॉप और पेन ड्राइव
दिल्ली पुलिस ने हापुड़ के जीएस मेडिकल कॉलेज के प्रसूति विभाग में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर फारूक के लैपटॉप और पेन ड्राइवर को जब्त कर लिया है। पुलिस की जांच पड़ताल में डॉक्टर के तार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पाए गए हैं। इससे पहले सहारनपुर से डॉक्टर आदिल अहमद को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उसने कश्मीर में विवादित पोस्टर लगाए थे। कश्मीर पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया था।
कानपुर के हृदय रोग डाक्टर छात्र को एटीएस ने हिरासत में लिया
दिल्ली में हुए विस्फोट मामले में दिल्ली और यूपी पुलिस की कार्रवाई तेज कर दी है। दिल्ली पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है तो वहीं कानपुर में एटीएस ने एक और डॉक्टर को पकड़ा है जो कानपुर के हृदय रोग की शिक्षा प्राप्त रहा था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर की पहचान 32 वर्षीय डॉ. मोहम्मद आरिफ के रूप में हुई है, जो राजकीय गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज में डीएम (कार्डियोलॉजी) प्रथम वर्ष के छात्र हैं। उन्हें एक अज्ञात स्थान से हिरासत में लिया गया। बाद में, एटीएस की एक टीम ने नजीराबाद के अशोक नगर स्थित उनके किराए के आवास की तलाशी ली और फोरेंसिक जाँच के लिए उनका मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिया। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया। अधिकारी ने आगे कहा, उनका दिल्ली विस्फोट मामले में पहले से गिरफ्तार लोगों से आमना-सामना कराया जा सकता है।
अब तक किन-किन लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
दिल्ली ब्लास्ट मामले में अलग-अलग जगहों से कई लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। कुछ लोगों को हिरासत में भी रखा गया है। अभी हाल ही में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला आरिफ, जीएसवीएम की पूर्व प्रोफेसर डॉ. शाहीन सईद, जिन्हें इसी मामले में पहले गिरफ्तार किया गया था, से पूछताछ के दौरान हुए खुलासों के बाद एटीएस की रडार पर आया। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि आरिफ, डॉ. शाहीन और उनके भाई डॉ. परवेज़ के साथ नियमित संपर्क में था। दोनों से गहन पूछताछ की गई है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट के दिन, आरिफ, डॉ. शाहीन के नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़े लोगों के साथ टेलीफोन पर संपर्क में था। उसने हाल ही में जम्मू-कश्मीर का भी दौरा किया था, जिससे संदेह और बढ़ गया। जब एटीएस के जवान उसके घर पहुँचे, तो उसने कथित तौर पर अपने फ़ोन से डेटा डिलीट करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते डिवाइस को जब्त कर लिया। उसके कॉल रिकॉर्ड और चैट के प्रारंभिक विश्लेषण से कथित मास्टरमाइंड और अन्य संदिग्धों के साथ उसके संपर्क का संकेत मिला है। जाँचकर्ताओं का मानना है कि समूह ने ड्राफ्ट संदेशों का आदान-प्रदान करने के लिए एक साझा ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया, जो अक्सर आतंकवादी संगठन इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से बचने के लिए अपनाते हैं। इस घटना से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और छात्रों में, खासकर हृदय रोग कार्डियोलॉजी विभाग में, बेचैनी फैल गई है, जहाँ आरिफ ने तीन महीने पहले ऑल इंडिया काउंसलिंग के ज़रिए प्रवेश लिया था ।



