कफ सिरप तस्करी मामले में एक्शन; दुबई से लाया जाएगा शुभम जायसवाल, भगोड़े के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस
वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवर में 19 नवंबर को दो करोड़ के कफ सिरप की बरामदगी मामले में पंजीकृत कोडिन कफ सिरफ तस्करी प्रकरण में आरोपी सरगना शुभम जायसवाल के विरुद्ध इंटरपोल की ओर से कमिश्नरेट पुलिस ने रेड कार्नर नोटिस जारी कराया है।

Varanasi News: यूपी के चर्चित कफ सिरप तस्करी मामले में यूपी पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। 19 नवंबर को दो करोड़ के कफ सिरप की बरामदगी मामले में पंजीकृत कोडिन कफ सिरफ तस्करी के मास्टरमाइंड सरगना शुभम जायसवाल के विरुद्ध इंटरपोल की ओर से कमिश्नरेट पुलिस ने रेड कार्नर नोटिस जारी कराया है। भगोड़े शुभम जायसवाल को अब दुबई से भारत लाया जाएगा।
प्रकरण से प्रहलाद घाट के कायस्थ टोला निवासी शुभम जायसवाल वर्तमान समय में दुबई (UAE) फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए इन्टरपोल को रेड कार्नर नोटिस जारी करने के लिए आवेदन दिया गया था। डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि इसके बाद सीबीआई के सहयोग से इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस प्राप्त कर ली गई है। रेड कार्नर नोटिस के अनुसार उपरोक्त अभियुक्त को सम्बन्धित देश की ओर से अरेस्ट किया जाएगा। शुभम जायसवाल के भारत प्रत्यर्पण की कार्यवाही की जा रही है।
मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल भगोड़ा घोषित
पांच दिन पहले ही कफ सिरफ तस्करी के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को पुलिस की रिपोर्ट पर कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया था। अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीसी 14 की अदालत ने धारा 84 (4) के तहत ये कार्यवाही की थी। विवेचक दयाशंकर सिंह ने बताया था कि कफ सिरप तस्करी में कायस्थ टोला (आदमपुरा) निवासी शुभम जायसवाल सरगना है। उसके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई का आदेश दिया गया था। उसके आवासों पर नोटिस चस्पा किया गया। मुनादी कराई गई थी। उसे 30 मार्च तक हाजिर होना था। निर्धारित समय तक वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इस पर पुलिस उसे भगोड़ा घोषित करने की कोर्ट से अपील की।
रोहनिया थाने में दर्ज मुकदमे में पहले ही भगोड़ा हुआ था घोषित
रोहनिया थाने में दर्ज मुकदमे में शुभम पहले ही भगोड़ा घोषित हो चुका है। पुलिस अब उसके खिलाफ चार्जशीट लगाने की तैयारी में है। रोहनिया के इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि भदवर में 19 नवंबर को दो करोड़ की कफ सिरप की बरामदगी में भी वह नामजद है। एफटीसी-14 की कोर्ट ने 30 मार्च तक उसे पेश होने का नोटिस जारी किया था। कोर्ट की अवमानना में उसे भगोड़ा घोषित मानते हुए उसके खिलाफ मंगलवार रात केस दर्ज किया गया। बताया कि विवेचक छह अप्रैल को त्रिपुरा जेल जाएंगे जहां सौरभ त्यागी का बयान लिया जाएगा। इसके बाद शुभम और सौरभ त्यागी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होगी।
पांच आरोपितों के खिलाफ होगी कुर्की
कोडीन कफ सिरप मामले में बीते मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश /एनडीपीएस एक्ट शक्ति सिंह की अदालत ने पांच आरोपितों के खिलाफ धारा 84 के तहत कुर्की की उद्घोषणा कर दिया है। कोर्ट ने यह आदेश विवेचक की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर दिया था। जल्द ही पुलिस आरोपितों के घर पहुंकर कुर्की की नोटिस चस्पा करने के साथ ही मुनादी भी कराएगी। बता दें कि कोडीन कफ सिरप केस में अमित सिंह पुत्र सुभाष सिंह निवासी झोटना थाना भुड़कुड़ा, निलेश कुमार श्रीवास्तव पुत्र मुकेश कुमार श्रीवास्तव निवासी अष्टभुजी कॉलोनी लंका थाना शहर कोतवाली, शुभम सिंह पुत्र अजय सिंह उर्फ झुन्ना सिंह निवासी धीरजोर खास थाना भुड़कुड़ा, राहुल कुमार यादव पुत्र रमाशंकर यादव निवासी धरनीधरपुर थाना कोतवाली जौनपुर व दयाराम सिंह पुत्र रमाशंकर सिंह निवासी पीरनगर थाना शहर कोतवाली के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज है।
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Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


