उपनिदेशक समेत सभी पूरी ऑफिस पर ऐक्शन, योगी के मंत्री ने गड़बड़ी पर अधिकारी-कर्मचारियों को हटाया
योगी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने बड़ी कार्रवाई की है। संजय निषाद ने मत्स्य विभाग के कानपुर उपनिदेशक कार्यालय में गड़बड़ी पर सभी अधिकारी-कर्मचारी हटा दिया है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बड़ी कार्रवाई हुई है। यहां मत्स्य पालन एवं उत्पादन से जुड़ी केन्द्र एवं राज्य की योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार,हीलाहवाली व शिथिलता के आरोप में कानपुर के मंडलीय एवं जनपदीय कार्यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हटा दिया गया है। जिले के सहायक निदेशक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक(एसएफआई) सुनील कुमार को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य रूप से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषाद राज बोट योजना समेत केंद्र एवं राज्य सरकार की मछुआ समाज के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की गम्भीर शिकायतों के बाद मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद के निर्देश पर शासन ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
इसके तहत कानपुर मंडल की उपनिदेशक सुनीता वर्मा समेत मंडलीय कार्यालय के श्रेणी 1, 2, 3 व 4 के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को हटाकर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। इसके अलावा वरहां के जिला कार्यालय के भी सहायक निदेशक मत्स्य समेत श्रेणी-1, 2, 3 व 4 के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी मुख्यालय से अटैच किया गया है।
सृष्टि यादव को कानपुर मंडल का अतिरिक्त प्रभार
यूपी सरकार ने विभाग की तेज-तर्रार अधिकारियों में शामिल लखनऊ मंडल की उपनिदेशक सृष्टि यादवको कानपुर मंडल का अतिरिक्त प्रभार दिया है। इसके साथ ही 2021 बैच के सहायक निदेशक मत्स्य, बुलंदशहर जितेंद्र कुमार को कानपुर समेत कानपुर मंडल के सभी जिलों के आहरण-वितरण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे
इस संबंध में विभागीय मंत्री डा. संजय कुमार निषाद ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। आम जनता को होने वाली किसी भी परेशानी का सरकार के संज्ञान में आते ही तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि कानपुर प्रकरण में अधिकारियों की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं और इसकी प्रारंभिक जांच में पाया गया कि एसएफआई सुनील कुमार शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे थे तथा भ्रष्टाचार में संलिप्तता पाई गई।
समस्त स्टाफ को मुख्यालय से अटैच किया गया
इसके साथ ही मंडलीय अधिकारी भी उन्हें प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रहे थे। इसी चलते सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मंडलीय एवं जनपदीय कार्यालयों के समस्त स्टाफ को मुख्यालय से अटैच किया गया है। इसके अतिरिक्त सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय में तैनात एसएफआई सुनील कुमार को निलंबित किया गया है।
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Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
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