
सीएम योगी पर अभद्र टिप्पणी में ऐक्शन, 24 घंटे में सात मुकदमे; विधायक के भाई समेत दो गिरफ्तार
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अशोभनीय टिप्पणी प्रकरण में रविवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पिपराइच के भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह के भाई भोलेंद्र पाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अशोभनीय टिप्पणी प्रकरण में रविवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पिपराइच के भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह के भाई भोलेंद्र पाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं ईंट भट्ठे पर अवैध शराब बनाने के मामले में उनके मुंशी राम मिलन को भी गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उधर, 24 घंटे में अलग-अलग थानों में 7 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। रविवार को इस मामले में तीन और केस दर्ज किए गए। वहीं एक केस ईंट भट्ठे पर कच्ची शराब के मामले में दर्ज किया गया है।

शनिवार को दर्ज किए गए तीन केस के बाद ही भोलेन्द्र पाल सिंह की तलाश में जिले की अलग-अलग थानों की पुलिस टीम की दबिश डाल रही थी। टीम ने भोलेन्द्र के ससुराल सहित गोरखपुर और कुशीनगर के अन्य ठिकानों पर दबिश देकर कई करीबियों को उठाया था उनकी सूचना पर पिपराइच इलाके से भोलेन्द्र पाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वहीं उनके ईंट भट्ठे पर मिले अवैध शराब के मामले में उनके मुंशी राम मिलन को पुलिस ने शनिवार की रात में ही हिरासत में ले लिया था। रविवार की देर शाम दोनों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
रविवार को तीन और केस दर्ज
अशोभनीय टिप्पणी के मामले में रविवार को तनी और केस दर्ज किया गया। एक केस उद्योगपति तनुज जालान ने कराया है। इसके अलावा पिपराइच के पूर्व चेयरमैन जितेन्द्र जायसवाल और खोराबार के राकेश सिंह ने केस दर्ज कराया है। लालपुर टीकर निवासी राकेश ने तहरीर में कहा है कि वह अपना फेसबुक एकाउंट चेक कर रहे थे कि अचानक एक पोस्ट दिखी। उसमें मिथ्या राजनीतिक जानकारी के साथ समुदायों के बीच शत्रुता और घृणा फैलाने वाली टिप्पणी पड़ी हुई थी। जब उस पोस्ट की मूल टिप्पणी को देखा तो पाया कि भोलेन्द्र पाल सिंह के नाम से संतोष विक्रम सिंह व मोनू सिंह को सम्बोधित करते हुए यह टिप्पणी हमारे क्षेत्र के विधायक व प्रदेश के प्रतिष्ठित और बहुत सम्मानित व्यक्ति के प्रति की गई है।
इससे क्षेत्र की स्थानीय जनता में बहुत ज्यादा आक्रोश है। ऐसे में जाति-समुदायों के बीच किसी अप्रिय घटना के होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि भोलेंद्र पाल सिंह ने ऐसी मिथ्या टिप्पणी समाज में घृणा और शत्रुता फैलाने के उद्देश्य से की है। इस पोस्ट का स्क्रीन शॉट फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप और इंस्टाग्राम पर भी वायरल किया जा रहा है। पुलिस ने राकेश सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा दो केस पिपराइच थाने में दर्ज हुए हैं। इनमें से एक आबकारी के इंस्पेक्टर मनीष त्यागी ने ईंट भट्ठे पर अवैध शराब के मामले में कराया है। वहीं दूसरा केस पूर्व चेयरमैन जितेन्द्र कुमार जायसवाल ने अशोभनीय टिप्पणी के मामले में पिपराइच थाने में दर्ज कराया है। इस मामले में विधायक के भाई के अलावा संतोष विक्रम सिंह और मोनू सिंह को भी आरोपित बनाया गया है।
शनिवार को दर्ज हुए थे तीन केस
अभद्र टिप्पणी के मामले में शनिवार को तीन थानों में अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। साइबर थाने में मीडिया सेल में तैनात सिपाही रामबोध की तहरीर पर केस किया गया है। जबकि, पिपराइच व रामगढ़ताल थाने में भी केस दर्ज किया गया है। वहीं, पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया से उसे दो घंटे में ही डिलीट कर दिया गया था।
कानून के दायरे में कार्रवाई होनी चाहिए : विधायक
पिपराइच विधानसभा से भाजपा विधायक महेन्द्र पाल सिंह ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री पर की गई अपने भाई भोलेन्द्र पाल सिंह की आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया दी है। विधायक ने कहा कि प्रदेश के कानून सभी के लिए एक है। इस प्रकरण में भी कानून अपने हिसाब से काम करेगा। मेरा भाई हो या बेटा, कानून के दायरे में कार्रवाई होनी चाहिए। इस टिप्पणी को लेकर दुखी हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि भाई के कृत्य के चलते ही 20 से 25 साल पहले परिवार में बंटवारा हो चुका है। उनसे, मेरा या मेरे परिवार का कोई संबंध नहीं है। उनके सोशल मीडिया एकाउंट को देखकर जाना जा सकता है कि वह मुझ पर भी गलत टिप्पणी करते रहे हैं। लेकिन वह मामले को कभी थाने पर लेकर नहीं गए। कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बदौलत ही वह विधायक हैं। पूरे प्रकरण से मैं और मेरा परिवार दुखी है।





