और भी काम रहता है आपने हमें क्यों बुलाया..., कोर्ट में जज से बोल पड़ीं ACP; जानें फिर
कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को भेजे पत्र में लिखा है कि 16 जुलाई को कोर्ट के सामने न्यायालय की गरिमा के प्रतिकूल, अमर्यादित, अवज्ञापूर्ण और उपेक्षापूर्ण अचारण और व्यवहार किया गया। कोर्ट के आदेश के बावजूद DNA जांच में विलंब किया गया। 16 जुलाई को जांच अधिकारी न्यायालय के सामने उपस्थित हुई थीं।

UP News: उत्तर प्रदेश के आगरा में एसीपी (छत्ता) श्वेता वर्मा कोर्ट की अवमानना में फंस गई हैं। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ऐक्ट सोनिका चौधरी ने उनके खिलाफ अपने न्यायालय में प्रकीर्ण वाद दर्ज किया है। साथ ही उनके व्यवहार के खिलाफ पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। आरोप है कि उन्होंने कोर्ट में यह कहा कि हमें और भी काम रहता है आपने हमें क्यों बुला लिया। कोर्ट ने इसी टिप्पणी पर सख्त रुख अख्तियार किया है। 24 जुलाई को उन्हें स्पष्टीकरण सहित तलब किया है।
आगरा के ट्रांसयमुना थाने में दर्ज दुराचार और पॉक्सो एक्ट के एक मुकदमे की जांच एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा के पास है। इस मामले में पीड़िता वर्तमान में 33 सप्ताह 10 दिन की गर्भवती है। मुकदमे से संबंधित अभियुक्त अर्पित बघेल जेल में बंद है। मिली जानकारी के अनुसार जांच अधिकारी द्वारा डीएनए टेस्ट की इजाजत के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया था। इस पर अदालत ने आरोपी को जिला जेल से तलब किया था। डीएनए के आरोपित के ब्लड सैंपल लिए जाने की इजाजत दे दी गई थी।
जांच अधिकारी के अधीनस्थ द्वारा 14 जुलाई को फिर आरोपी का डीएनए कराने के आदेश के लिए पुराना आदेश संलग्न कर प्रार्थना पत्र दिया गया। इस पर कोर्ट ने पहले पारित आदेश का अनुपालन नहीं करने पर जांच अधिकारी के अधीनस्थ को नए तथ्यों और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में हुए विलंब के स्पष्टीकरण के साथ प्रार्थनापत्र देने के मौखिक आदेश दिए थे। इस पर 15 जुलाई को जांच अधिकारी ने अधीनस्थ के माध्यम से आरोपी का डीएनए कराने का आदेश देने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने विलंब का कारण राजकीय कार्य में व्यस्तता होना दर्शाया।
न्यायालय ने पुलिस आयुक्त को भेजे पत्र में लिखा है कि 16 जुलाई को न्यायालय के समक्ष न्यायालय की गरिमा के प्रतिकूल, अमर्यादित, अवज्ञापूर्ण और उपेक्षापूर्ण अचारण और व्यवहार किया गया। कोर्ट ने लिखा है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद डीएनए जांच में विलंब किया गया। 16 जुलाई को विवेचक श्वेता वर्मा न्यायालय के सामने उपस्थित हुईं। सामान्य अनुक्रम में जांच अधिकारी से विलंब का कारण पूछा गया। जिस पर जांच अधिकारी द्वारा न्यायालय की गरिमा के प्रतिकूल, अमर्यादित और अपमानजनक तौर पर न्यायालय के समक्ष कहा गया कि हमें और भी काम रहता है आपने हमें बुला लिया। हम करा लेंगे डीएनए। विवेचक श्वेता वर्मा के विरूद्ध धारा 384 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अन्तर्गत प्रकीर्णवाद दर्ज किया जाना न्यायोचित और विधिसम्मत तथा विधिक कर्तव्य है। 24 जुलाई को एसीपी श्वेता वर्मा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
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Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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