गोरखपुर के बाद अयोध्या में हादसा; PWD ऑफिस की दीवार ढही, मैकेनिक की मौत
अयोध्या में सदर तहसील के सामने PWD कार्यालय की जर्जर बाउंड्री वॉल सोमवार को बारिश के दौरान भरभराकर गिर गई। मलबे में दबकर सड़क किनारे मोटरसाइकिल मैकेनिक रविंद्र की मौत हो गई। वह दीवार के सहारे तिरपाल लगाकर काम करता था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

गोरखपुर में गुंबद हादसे में दो वकीलों की मौत के बाद अयोध्या में भी जर्जर भवनों और ढांचों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को सदर तहसील के सामने स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय की जर्जर बाउंड्री वॉल अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में दबने से सड़क किनारे मोटरसाइकिल मरम्मत करने वाले मैकेनिक की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पहचान कैंट थाना क्षेत्र के सहादतगंज निवासी रविंद्र के रूप में हुई है। बताया गया कि रविंद्र PWD कार्यालय की बाउंड्री वॉल के सहारे तिरपाल डालकर सड़क किनारे मोटरसाइकिल बनाने का काम करता था। इसी काम से वह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था।
PWD की बाउंड्री वॉल गिरने से हादसा
सोमवार को बारिश के कारण बाउंड्री वॉल के आसपास की जमीन दलदली हो गई थी। आशंका जताई जा रही है कि पहले से जर्जर दीवार जमीन कमजोर होने के कारण अचानक ढह गई। उस समय रविंद्र दीवार के पास ही मौजूद था और मलबे की चपेट में आकर दब गया। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाकर रविंद्र को बाहर निकाला। उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
बाउंड्री वॉल गिरने से मैकेनिक की मौत
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में जर्जर बाउंड्री वॉल को लेकर नाराजगी दिखाई दी। लोगों का कहना है कि दीवार काफी समय से कमजोर और जर्जर हालत में थी। इसके बावजूद उसके आसपास लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। बारिश के बाद जमीन कमजोर होने से दीवार गिरने का खतरा और बढ़ गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
गुंबद गिरने से दो वकीलों की मौत हुई थी
आपको बता दें गोरखपुर में राप्ती तट स्थित राजघाट के गुरु श्री गोरक्षनाथ घाट पर रविवार सुबह बारिश के दौरान कैनोपी का गुंबद अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में वहां बैठे दो अधिवक्ताओं की मौत हो गई। एंबुलेंस समय से न मिलने-इलाज में लापरवाही का आरोप लगा वकीलों ने जिला अस्पताल में करीब साढ़े चार घंटे प्रदर्शन किया। उसके बाद सीएमओ व कुछ स्वास्थ्यकर्मियों पर केस दर्ज किया गया। डीएम ने निर्माण संरचना-एंबुलेंस रिस्पांस टाइम की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवारों के लिए चार-चार लाख रुपये आर्थिक मदद की घोषणा की है। प्राथमिक तौर पर बिजली गिरने से गुंबद ढहने की बात सामने आई है। देर रात सिंचाई विभाग के तत्कालीन एई, जेई और ठेकेदार पर भी केस दर्ज किया गया।


