
बोले काशी: पाताल में सुविधाएं, नारकीय हो चला जीवन
वाराणसी। इंद्रपुरी कॉलोनी को उपेक्षा का पर्याय कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। बांस-बल्ली के सहारे बिजली तार हर पल मौत का भय दिखाते हैं। अधूरे सीवर और जीर्ण-शीर्ण सड़कें बारिश में घरों को डुबो रही हैं। प्रदूषित जलापूर्ति हो रही है।
पाताल में सुविधाएं, नारकीय हो चला जीवन

वाराणसी। इंद्रपुरी कॉलोनी को उपेक्षा का पर्याय कहा जाय तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। बांस-बल्ली के सहारे बिजली तार हर पल मौत का भय दिखाते हैं। अधूरे सीवर और जीर्ण-शीर्ण सड़कें बारिश में घरों को डुबो रही हैं। प्रदूषित जलापूर्ति हो रही है। त्रासदी यह भी है कि शाम के बाद नशेड़ियों के जमावड़े से घर की दहलीज पार करना मुश्किल है। कूड़ेदान न होने से गंदगी बनी रहती है। रोशनी का इंतजाम नहीं है। प्रशासन की उदासीनता से त्रस्त हैं।
नवशहरी शिवदासपुर वार्ड की इंद्रपुरी कॉलोनी एक नाम नहीं बल्कि यह नागरिक सुविधाओं के ‘पतन’ की कहानी है। यहां का हर निवासी प्रशासन से पूछ रहा है कि क्या हमें सुरक्षित सड़क, सीवर सुविधा, स्वच्छ पानी और अपराध मुक्त माहौल में जीने का अधिकार नहीं है? बाशिंदों ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में कहा कि सड़कों के अधूरे निर्माण से परेशानी हो रही है। कॉलोनी के अंदर की सड़कें आज भी कच्ची, ऊबड़-खाबड़ और बदहाल हैं। हर बारिश में इन सड़कों पर जलजमाव हो जाता है। वे पूरी तरह से दलदली में हो जाती हैं। तब लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। जलजमाव के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों को होती हैं।
अविनाश चौधरी, सत्येन्द्र यादव ने कहा कि कॉलोनीवासियों के रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। कामकाजी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वाहन हिचकोले खाते हैं। बताया कि निधि योजना के तहत सड़क इंटरलॉकिंग का काम स्वीकृत किया गया था। 6.14 लाख रुपये भी आवंटित हो गए। काम शुरू तो हुआ, लेकिन बीच की सड़कों को बनाए बिना ही काम अधूरा छोड़ दिया गया। जिस सड़क पर सबसे ज्यादा आवागमन होता है, वह अब तक कच्ची है।
बरसात में बदतर स्थिति
सीमा सिंह ने ध्यान दिलाया कि कॉलोनी में कहीं-कहीं सीवर लाइन है, जबकि ज्यादातर हिस्से वंचित है। जो लाइन बिछी है, वह भी चोक हो चुकी हैं। इस कारण बरसात में स्थिति भयावह हो जाती है। अनिता ने कहा कि सीवर का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। उसके साथ बारिश का पानी मिलकर बदबूदार दलदल का रूप ले लेता है। घंटों जलजमाव के चलते राहगीरों और वाहनों का निकलना कठिन हो जाता है। कई घरों में गंदा पानी घुस जाता है।
बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति
अगनू पटेल ने कहा कि कॉलोनी में बिजली के पर्याप्त खंभों की कमी के चलते बिजली के तार आज भी बांस और बल्लियों के सहारे लटके हैं। यह एक दिन किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। कॉलोनी के अधिकांश हिस्सों में बिजली के तारों का जंजाल देखने को मिलता है। ये तार खंभों के बजाय अस्थायी और असुरक्षित लकड़ी के डंडों के सहारे टिके हैं। नंदन कुमार ने कहा कि स्थिति किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही है। लोगों को हर पल यह डर सताता रहता है कि लटकता तारों का जाल किसी बड़ी अनहोनी का कारण न बन जाए। कहा कि कॉलोनी में जगह-जगह पर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें या तो खराब पड़ी हैं या टूट चुकी हैं। बिजली विभाग या नगर निगम द्वारा लंबे समय से उनकी मरम्मत या बदलाव नहीं किया गया है। शाम ढलते ही पूरी कॉलोनी अंधेरे में डूब जाती है।
गंदगी-बदबू से त्रस्त
श्रेया पटेल ने कहा कि सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण कॉलोनी के खाली प्लाट गंदगी के ढेर में बदल गए है। कॉलोनी में न तो पर्याप्त कूड़ेदान रखे गए हैं और न ही कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नियमित रूप से आती है। लोगों को मजबूरन सड़कों और खाली प्लॉटों में कचरा फेंकना पड़ रहा है। छोटेलाल गुप्ता ने कहा कि कई खाली स्थानों पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। इन ढेरों से उठने वाली बदबू ने कॉलोनी में रहना मुश्किल कर दिया है। जमा कचरा मच्छरों, मक्खियों और अन्य कीटों को आकर्षित कर रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लोगों ने कहा कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी कॉलोनी में नियमित सफाई नहीं करते हैं। पूरे सप्ताह में मुश्किल से एक बार झाड़ू लगता है।
सुझाव
1. कॉलोनी की गलियों और सड़कों की इंटरलाकिंग पूरी कराई जाए। पूरी कॉलोनी में सीवर लाइन बिछवाने के साथ चोक लाइन की सफाई की जाए।
2. स्थानीय पुलिस रात के समय कॉलोनी में गश्त शुरू करे। नशेड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
3. बिजली विभाग पर्याप्त संख्या में नए खंभे लगाकर तारों को दुरुस्त करे। स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत की जाए।
4. जीर्ण-शीर्ण पेयजल पाइप लाइन को तत्काल बदलकर शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जल की नियमित जांच हो।
5. नगर निगम कॉलोनी में पर्याप्त कूड़ेदान रखवाए। कूड़ा गाड़ी की दैनिक आवाजाही हो। सफाई कर्मी नियमित सफाई करें।
शिकायत
1. कॉलोनी में अधूरी सड़क और चोक सीवर लाइन के कारण बरसात में जलजमाव हो जाता है। पैदल चलना कठिन हो जाता है।
2. शाम होते ही कॉलोनी में नशेड़ियों का जमावड़ा हो जाता है। असामाजिक तत्वों के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में भय है।
3. खंभों के अभाव में बिजली के तार बांस-बल्ली के सहारे ले जाए गए हैं। तारों का जाल कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
4. वर्षों पहले बिछाई गई पाइप लाइन ध्वस्त हो चुकी है। इसमें सीवर, नाली का पानी रिसने से नलों से गंदा पानी आ रहा है।
5. कॉलोनी में कूड़ेदान नहीं हैं। कूड़ा गाड़ी रोज नहीं आती। लोगों को खाली प्लॉटों और सड़क किनारे कूड़ा फेंकना पड़ता है।
बोले जिम्मेदार
शिवदासपुर से जुड़ी दस कॉलोनियों में सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है। मार्च से पहले इंद्रपुरी कॉलोनी और अन्य कॉलोनियों में सड़क मरम्मत और सीवर पाइप बिछाने का काम कराया जाएगा।
-डॉ. सुनील पटेल, विधायक
इंद्रपुरी कॉलोनी की समस्याओं की जानकारी है। उनका जल्द निस्तारण कराया जाएगा। इसके अलावा दूसरी कॉलोनियों में काम कराया गया है।
- रवीन्द्र सोनकर, पार्षद, शिवदासपुर वार्ड





