झांसी में जज और कोर्ट को धमकी भरी चिट्ठी, अलर्ट पर पुलिस; सुरक्षा बढ़ाई गई
झांसी की अपर पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान ने बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि यह चिट्ठी कोर्ट परिसर के डाकघर से ही भेजी गई है। फिलहाल इसे किसी शरारती तत्व की हरकत माना जा रहा है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। नबावाद थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

UP News: उत्तर प्रदेश के झांसी में जज और कोर्ट परिसर को धमकी भरी चिट्ठी मिली। इसे लेकर पुलिस अलर्ट पर है। जज और कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चिट्ठी भेजने वाले का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह चिट्ठी न्यायालय परिसर के ही डाकघर से भेजी गई। यह किसी शरारती तत्व की हरकत लगती है। वायरल हो रही चिट्टी में जज का नाम लेते हुए लिखा गया है-‘हमारी कौम के बेगुनाह लोगों को सजा सुनाकर घर तबाह कर दिए।’ चिट्ठी में कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। जज को भी धमकी दी गई है। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ वायरल हो रही इस चिट्ठी की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
अपर पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पत्र कोर्ट परिसर के डाकघर से ही भेजा गया प्रतीत हो रहा है। फिलहाल इसे किसी शरारती तत्व की हरकत माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। नबावाद थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पत्र भेजने वाले की पहचान और मंशा का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। एहतियातन न्यायालय परिसर और न्यायाधीश की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है। पुलिस ने मीडिया से इस संबंध में भ्रामक और अपुष्ट समाचारों का प्रसारण न करने की अपील की है।
कोर्ट परिसर और जज के आवास के बाहर बढ़ी सुरक्षा
धमकी भरी चिट्ठी मिलने के बाद कोर्ट परिसर और जज के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जज के आवास के बाहर पुलिस टीम को तैनात किया गया है। वहीं नवाबाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने कोर्ट परिसर के सभी स्थानों की तलाशी भी ली है। परिसर में आने-जाने वालों पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चिट्ठी भेजने वाले को पकड़कर इस हरकत की सच्चाई का खुलासा कर दिया जाएगा।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
और पढ़ें

