
थानेदार की गोली लगने से मौत में महिला सिपाही पर केस, देर रात भागते हुए CCTV में हुई कैद
यूपी के उरई में अपने ही कमरे पर थानेदार की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। महिला सिपाही के खिलाफ हत्या का केस दर्ज हो गया है। देर रात थानेदार के कमरे से गोली की आवाज आने के ठीक बाद महिला सिपाही वहां से निकलकर भागी थी। सीसीटीवी में वह कैद भी हो गई है।
यूपी के उरई (जालौन) में कुठौंद के थानाध्यक्ष (एसएचओ) की गोली लगने से मौत के मामले में महिला सिपाही मिनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। देर रात थानेदार के कमरे से भागते हुए महिला सिपाही सीसीटीवी में कैद हो गई है। एसएचओ की पत्नी माया राय की तहरीर पर पुलिस ने महिला की सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की है। आरोपी महिला सिपाही ने ही घर से बाहर निकलकर स्टाफ से एसएचओ को गोली लगने की सूचना दी थी। इसके बाद वह वहां से भाग निकली। इसके तीन अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
कुठौंद एसएचओ अरुण कुमार राय की सर्विस पिस्टल से शुक्रवार देर रात हुई मौत के वक्त उनके आवास पर एक महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के भी होने की बात सामने आई है। मीनाक्षी ने ही आवास से बाहर निकलकर थाने के स्टाफ से एसएचओ को गोली लगने की सूचना दी थी। शनिवार दोपहर गोरखपुर की रहने वाली एसएचओ की पत्नी माया राय ने मीनाक्षी शर्मा को मौत का जिम्मेदार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मीनाक्षी ने किसी के साथ मिलकर उनके पति की हत्या की है।
पुलिस ने एसएचओ की पत्नी की तहरीर पर मीनाक्षी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गौरतलब है कि घटना के बाद मीनाक्षी के थाने से भगाने के वीडियो भी वायरल हो रही हैं₹। एसपी डॉक्टर दुर्गेश कुमार के अनुसार एसएचओ की पत्नी की तहरीर पर महिला सिपाही के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना की निष्पक्ष जांच होगी। जल्द ही आरोपी महिला सिपाही को गिरफ्तार किया जाएगा।
रात में महिला सिपाही भी कमरे पर थी
उरई जिला मुख्यालय से करीब 51 किलोमीटर दूर कुठौंद थाना है। अरुण कुमार राय यहां के थाना प्रभारी थे। थाना कैंपस में ही अरुण रहते थे। सिपाहियों के अनुसार शुक्रवार शाम वह थाने के पास चल रहे पंच कुंडीय महायज्ञ के भंडारे में शामिल हुए। वहां उन्हें सम्मानित किया गया। इसके बाद जालौनी माता मंदिर के पुजारी सर्वेश महाराज की बेटी की शादी में पहुंचे। वहां से रात करीब 9 बजे थाने स्थित अपने सरकारी आवास आ गए। थाने में ही उन्होंने पत्नी से बात की। चंद कदम दूर ही अपने सरकारी आवास पर चले गए।
करीब आधे घंटे बाद कमरे से गोली चलने की आवाज आई। इसी दौरान ट्रैक सूट पहने एक महिला सिपाही भागते हुए कमरे से बाहर आई। चीखकर कहा कि साहब ने गोली मार ली है। फिर वहां से भाग गई। थाने में तैनात सिपाही दौड़ते हुए कमरे में पहुंचे। वहां इंस्पेक्टर खून से लथपथ बेड पर पड़े थे। थानेदार को तुरंत उरई अस्पताल ले जाया गया। जहां कुछ देर के इलाज के बाद उनकी मौत हो गई।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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