Hindi NewsUP NewsA model is being developed to prevent infiltration in UP, Bangladeshis and Rohingyas will not be able to enter
यूपी में घुसपैठियों को रोकने के लिए तैयार हो रहा मॉडल, नहीं घुस पाएंगे बांग्लादेशी और रोहिंग्या

यूपी में घुसपैठियों को रोकने के लिए तैयार हो रहा मॉडल, नहीं घुस पाएंगे बांग्लादेशी और रोहिंग्या

संक्षेप:

यूपी में योगी सरकार घुसपैठियों को रोकने के लिए मॉडल तैयार कर रही है। पश्चिम बंगाल में एसआईआर के कारण सुरक्षित ठिकाना ढूंढ़ रहे इन अवैध बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को प्रदेश में किसी भी कीमत पर नहीं घुसने दिया जाएगा।

Dec 05, 2025 08:10 pm ISTDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

यूपी में योगी सरकार अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को रोकने के लिए संगठित मॉडल तैयार कर रही है। पश्चिम बंगाल में एसआईआर के कारण सुरक्षित ठिकाना ढूंढ़ रहे इन अवैध बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को प्रदेश में किसी भी कीमत पर नहीं घुसने दिया जाएगा। ऐसे में इन्हें रोकने, पहचान करने व कानूनी निर्वासन (लीगल डिपोर्टेशन) तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से लागू करने वाला संगठित मॉडल तैयार हो रहा है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी भी तरह से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर घुसपैठ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूपी में चल रहे व्यापक सत्यापन अभियान में घुसपैठियों के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कई जिलों में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी व रोहिंग्या संदिग्धों की पहचान की गई है। यूपी एटीएस ने अभियान चलाकर कई रोहिंग्या घुसपैठियों को पकड़ा है। जिससे न सिर्फ वर्तमान गतिविधियां उजागर हो रही हैं बल्कि पुरानी परतें भी खुल रहीं हैं, जिनके आधार पर कई वर्षों से ये नेटवर्क चल रहे थे। यूपी में हर मंडल में डिटेंशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। यहां पर अवैध प्रवासियों को तब तक रखा जाएगा जब तक उनकी पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

ये भी पढ़ें:BJP के सभी कार्यक्रम रद्द, योगी ने संभाला मोर्चा; विधायकों को भी इस काम पर लगाया
ये भी पढ़ें:लखनऊ से गोंडा-बहराइच जाने वाले ध्यान दें, घाघरा पुल का ज्वाइंटर फिर उखड़ा

निर्वासन की प्रक्रिया विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के सहयोग से संचालित की जा रही है। सभी डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वह इसके संबंध में दैनिक रिपोर्ट गृह विभाग को भेजें। कई वर्षों से अवैध डिपोर्टेशन की व्यवस्था अव्यवस्थित थी। अब यह मॉडल इन सभी चरणों को संगठित कर लागू किया जा रहा है। विदेशी अधिनियम 1946 के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और सबूत का दायित्व स्वयं व्यक्ति पर होता है कि वह विदेशी नहीं है। घुसपैठियों को न्यायिक प्रक्रिया का अवसर दिया जाता है ताकि अभियान सख्त होने के साथ कानूनी रूप से मजबूती बनाए रखे। यह अभियान किसी भी प्रकार से भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि सुरक्षा व कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाया जा रहा है।

Deep Pandey

लेखक के बारे में

Deep Pandey
दीप नरायन पांडेय, डिजिटल और प्रिंट जर्नलिज्म में 13 साल से अधिक का अनुभव। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में कार्यरत रहे। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में हैं। राजनीति के साथ क्राइम और अन्य बीटों पर काम करने का अनुभव। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करे| पाएं Lucknow news , Prayagraj News , Varanasi News , Gorakhpur News , Kanpur News , Aligarh News से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में |