लव मैरिज करने वाले पति-पत्नी की बाथरूम में मिली लाश, गैस गीजर से दम घुटने की आशंका
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में दर्दनाक घटना सामने आई है। बाथरूम के अंदर पति-पत्नी दोनों के शव मिले हैं। माना जा रहा है कि गैस गीजर से दम घुटने के कारण मौत हुई है। पांच साल पहले दोनों ने लव मैरिज की थी। पुलिस घटना की जांच में जुटी है।

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक हंसते-खेलते परिवार का अंत बेहद दर्दनाक तरीके से हो गया। शहर की सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित गोकुलधाम कॉलोनी में रविवार रात घर के बाथरूम में पति-पत्नी के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में मौत की वजह गैस गीजर से दम घुटना बताया जा रहा है। पांच साल पहले दोनों ने लव मैरिज की थी।
घटना का पता तब चला जब काफी समय बीत जाने के बाद भी घर में कोई हलचल नहीं हुई और न ही दंपति बाहर निकले। सूचना मिलने पर आनन-फानन में सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद तोड़ा। अंदर का नजारा देख अधिकारियों के भी होश उड़ गए। 40 वर्षीय हरजिंदर सिंह और उनकी पत्नी रेनू सक्सेना के शव पड़े थे। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) विक्रम दहिया, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी और फील्ड यूनिट की टीम ने बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया।
बचाने की कोशिश में पति की भी गई जान?
पत्नी रेनू का शव बिना कपड़ों के था और हरजिंदर सिंह ने कपड़े और जूते पहने हुए थे। कहा जा रहा है कि रेनू के हाथ में कुछ दिनों पहले चोट लगी थी और प्लास्टर इधर बीच ही खुला था। ऐसे में हरजिंदर शायद पत्नी को नहलाने गए थे। इसी दौरान गैस लीक से दोनों की मौत हो गई।
5 साल पहले हुई थी लव मैरिज
हरजिंदर सिंह पीलीभीत के विकास भवन स्थित डीआरडीए (DRDA) कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात थे। वह मूल रूप से कोतवाली क्षेत्र की सुभाष नगर कॉलोनी के रहने वाले थे। हरजिंदर ने बीसलपुर की रहने वाली रेनू से पांच साल पहले प्रेम विवाह किया था और दोनों गोकुलधाम कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे थे। पड़ोसियों के अनुसार, दोनों के बीच काफी प्रेम था और अक्सर उन्हें साथ देखा जाता था।
गैस गीजर बना 'साइलेंट किलर'
एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला गैस गीजर से ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के रिसाव का लग रहा है। सर्दी के मौसम में अक्सर लोग बाथरूम की खिड़कियां बंद कर देते हैं, जिससे गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड बाहर नहीं निकल पाती और इंसान चंद मिनटों में ही बेहोश हो जाता है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस हर पहलू से मामले की गहनता से जांच कर रही है।
गैस गीजर से लगातार हादसे, ऐसे बरतें सावधानी
गैस गीजर से लगातार हादसे हो रहे हैं। विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन ने कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतने की लोगों से अपील की है। गैस गीजर को कभी भी ऐसे बाथरूम में न लगाएं जहां वेंटिलेशन (हवा आने-जाने का रास्ता) न हो। बाथरूम में एक एग्जॉस्ट फैन या ऊपर की तरफ खुली खिड़की जरूर होनी चाहिए।
गीजर की फिटिंग बाहर हो
सुरक्षा की दृष्टि से सबसे बेहतर यही है कि गैस गीजर की यूनिट बाथरूम के अंदर के बजाय बाहर फिट की जाए और केवल पाइप के जरिए गरम पानी अंदर आए।
समय सीमा का ध्यान रखें
गीजर को नहाने से 10-15 मिनट पहले चलाकर पानी गरम कर लें और नहाने जाने से पहले गीजर बंद कर दें। जलते हुए गीजर के बीच कभी न नहाएं।
कार्बन मोनोऑक्साइड का खतरा
गैस गीजर ऑक्सीजन का इस्तेमाल करता है और 'कार्बन मोनोऑक्साइड' छोड़ता है। यह गैस गंधहीन और रंगहीन होती है, जिससे इंसान को पता भी नहीं चलता और वह बेहोश हो जाता है।
लगातार न चलाएं
यदि घर में एक से ज्यादा लोगों को नहाना है, तो बीच-बीच में बाथरूम का दरवाजा खोलकर गैस निकलने दें, उसके बाद ही दूसरा व्यक्ति अंदर जाए।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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