
पहले स्नान से पहले माघ मेला गेट पर लगी आग, मचा हड़कंप; पहुंचीं दमकल की गाड़ियां
उत्तर प्रदेश में पहले स्नान से पहले माघ मेला गेट पर आग लगने की खबर सामने आई है। आग लगने से हड़कंप मच गया। इसके बाद तुरंत दमकल की गाड़ियां पहुंच गईं। आग पर काबू पा लिया गया है।
प्रयागराज में पहले स्नान से पहले काली रोड स्थित माघ मेला गेट पर आग लगने की घटना सामने आई है। आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया। इसके बाद तुरंत दमकल की गाड़ियां पहुंच गईं। आग पर काबू पा लिया गया है। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
माघ मेला के मुख्य वित्तीय अधिकारी एवं नोडल अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि गेट के निर्माण कार्य के दौरान वेल्डिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान वेल्डिंग से निकली चिंगारियां नीचे बिछे कपड़े पर गिर गईं, जिससे आग लग गई।
उन्होंने बताया कि मौके पर दमकलकर्मी पहले से तैनात थे, जिन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से किसी बड़े नुकसान से बचाव हो सका। प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आपको बता दें कि माघ मेला-2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक कुल 44 दिनों तक होगा। इस दौरान पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे। पूरे मेला काल में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जबकि मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख पर्व पर एक ही दिन में साढ़े तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं उसी अनुरूप की जा रही हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बने हैं 42 पार्किंग स्थल
मेला क्षेत्र का विस्तार बढ़ाकर लगभग 800 हेक्टेयर किया गया है। सेक्टरों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई है। स्नान घाटों की कुल लंबाई में पिछले माघ मेले की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 42 पार्किंग स्थल, 9 पांटून पुल, बेहतर आंतरिक सड़क व्यवस्था और सुगम आवागमन की विस्तृत कार्ययोजना पर काम अंतिम चरण में है।
अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के हैं निर्देश
ट्रैफिक एवं क्राउड मैनेजमेंट के लिए ठोस और बहुस्तरीय कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मेला अवधि के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। लगभग 450 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 250 कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की जाएंगी। मेला क्षेत्र में एआई आधारित सर्विलांस एवं क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है।





