
अंजान कब्रों में कलेजे का टुकड़ा तलाश रहा पिता, पहले बेटा अब उसकी लाश लापता
उलझन यह है कि पिता को गुलजार की लाश चाहिए और पुलिस को वह कब्र जिसमें मृत गुलजार को दफन किया गया था। जहां दर्जनों कब्रें हों, वहां एक शव की पहचान के लिए सभी से डीएनए सैंपल लेना पड़ेगा। जांच की यह प्रक्रिया लंबी और जटिल है। गुलजार की पहचान में महीनों लग सकते हैं।
यूपी के गोरखपुर के सिधारीपुर मोहल्ले के गुलजार के साथ कुदरत अजीब खेल खेल रही है। मई में जब उसकी लाश मिली तब पहचान का संकट था पर अब जब पहचान हो गई और लाश पिता को सौंपने का आदेश हो गया, तब उसकी कब्र ही लापता हो गई है। यह तो पता है कि उसका शव राजघाट में राप्तीनदी के किनारे दफनाई गई पर इसमें गुलजार की कब्र कौन है यह पुलिस को भी नहीं पता है। उलझन यह है कि पिता को गुलजार की लाश चाहिए और पुलिस को वह कब्र जिसमें मृत गुलजार को दफन किया गया था। दफन कराने वाले कर्मचारी की याददाश्त पर पिता शव कबूल कर ले या फिर डीएनए जांच कराई जाए। इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं दिख रहा है।

कैंट थाना क्षेत्र के ट्रैफिक तिराहे पर 7 मई 2025 को एक युवक का शव मिला था। पहचान न होने पर पुलिस ने 72 घंटे के इंतजार बाद पोस्टमार्टम कराकर शव को राजघाट क्षेत्र में दफन करा दिया। बाद में पता चला कि शव सिधारीपुर निवासी मोहम्मद आलम के बेटे गुलजार का था, जो कई दिनों से लापता था। जब परिजन तलाश करते हुए गुलजार के दोस्त तक पहुंचे तो उसने बताया कि गुलजार सड़क पर नशे की हालत में गिर पड़ा था। तब पिता जहां बेटे के गिरे होने की जानकारी मिली उस इलाके में पड़ने वाले थाने पर पहुंचे और पूरी जानकारी दी। शव की फोटो और कपड़े आदि पुलिस ने दिखाया तो पिता ने गुलजार के रूप में पहचान कर ली।
डीएनए जांच भी आसान नहीं
जहां दर्जनों कब्रें हों, वहां एक शव की पहचान के लिए सभी से डीएनए सैंपल लेना पड़ेगा। जांच की यह प्रक्रिया लंबी और जटिल है, जिससे गुलजार की पहचान में महीनों लग सकते हैं।
पिता ने अंतिम संस्कार के लिए मांगा शव
पिता ने पुलिस से बेटे का शव वापस दिलाने की गुहार लगाई ताकि धार्मिक रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जा सके। उसके लिए उसने कानूनी अनुमति ली लेकिन जब पुलिस टीम के साथ राजघाट पहुंचे तो वहां पहले से कई अज्ञात शव दफन पाए गए। अब यह तय करना मुश्किल हो गया है कि गुलजार की कब्र कौन सी है। शव को दफन कराने वाले कर्मचारी भी सटीक जानकारी नहीं दे पाए।
क्या बोली पुलिस
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि उनके बेटे की सड़क के किनारे लाश मिली थी। पहचान न होने पर पोस्टमार्टम के बाद शव को दफन कराया गया था। कानून के मुताबिक कार्रवाई करते हुए शव को पिता को सुपुर्द करने का प्रयास किया जाएगा।





