Hindi NewsUP Newsa father searches for his beloved son in unknown graves first his son is missing now his body is missing
अंजान कब्रों में कलेजे का टुकड़ा तलाश रहा पिता, पहले बेटा अब उसकी लाश लापता

अंजान कब्रों में कलेजे का टुकड़ा तलाश रहा पिता, पहले बेटा अब उसकी लाश लापता

संक्षेप:

उलझन यह है कि पिता को गुलजार की लाश चाहिए और पुलिस को वह कब्र जिसमें मृत गुलजार को दफन किया गया था। जहां दर्जनों कब्रें हों, वहां एक शव की पहचान के लिए सभी से डीएनए सैंपल लेना पड़ेगा। जांच की यह प्रक्रिया लंबी और जटिल है। गुलजार की पहचान में महीनों लग सकते हैं।

Sat, 1 Nov 2025 03:16 PMAjay Singh विवेक पांडेय, गोरखपुर
share Share
Follow Us on

यूपी के गोरखपुर के सिधारीपुर मोहल्ले के गुलजार के साथ कुदरत अजीब खेल खेल रही है। मई में जब उसकी लाश मिली तब पहचान का संकट था पर अब जब पहचान हो गई और लाश पिता को सौंपने का आदेश हो गया, तब उसकी कब्र ही लापता हो गई है। यह तो पता है कि उसका शव राजघाट में राप्तीनदी के किनारे दफनाई गई पर इसमें गुलजार की कब्र कौन है यह पुलिस को भी नहीं पता है। उलझन यह है कि पिता को गुलजार की लाश चाहिए और पुलिस को वह कब्र जिसमें मृत गुलजार को दफन किया गया था। दफन कराने वाले कर्मचारी की याददाश्त पर पिता शव कबूल कर ले या फिर डीएनए जांच कराई जाए। इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं दिख रहा है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

कैंट थाना क्षेत्र के ट्रैफिक तिराहे पर 7 मई 2025 को एक युवक का शव मिला था। पहचान न होने पर पुलिस ने 72 घंटे के इंतजार बाद पोस्टमार्टम कराकर शव को राजघाट क्षेत्र में दफन करा दिया। बाद में पता चला कि शव सिधारीपुर निवासी मोहम्मद आलम के बेटे गुलजार का था, जो कई दिनों से लापता था। जब परिजन तलाश करते हुए गुलजार के दोस्त तक पहुंचे तो उसने बताया कि गुलजार सड़क पर नशे की हालत में गिर पड़ा था। तब पिता जहां बेटे के गिरे होने की जानकारी मिली उस इलाके में पड़ने वाले थाने पर पहुंचे और पूरी जानकारी दी। शव की फोटो और कपड़े आदि पुलिस ने दिखाया तो पिता ने गुलजार के रूप में पहचान कर ली।

ये भी पढ़ें:यूपी में हिस्ट्रीशीटर ने खुद को गोली से उड़ाया, दो दिन पहले लौटा था घर

डीएनए जांच भी आसान नहीं

जहां दर्जनों कब्रें हों, वहां एक शव की पहचान के लिए सभी से डीएनए सैंपल लेना पड़ेगा। जांच की यह प्रक्रिया लंबी और जटिल है, जिससे गुलजार की पहचान में महीनों लग सकते हैं।

पिता ने अंतिम संस्कार के लिए मांगा शव

पिता ने पुलिस से बेटे का शव वापस दिलाने की गुहार लगाई ताकि धार्मिक रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जा सके। उसके लिए उसने कानूनी अनुमति ली लेकिन जब पुलिस टीम के साथ राजघाट पहुंचे तो वहां पहले से कई अज्ञात शव दफन पाए गए। अब यह तय करना मुश्किल हो गया है कि गुलजार की कब्र कौन सी है। शव को दफन कराने वाले कर्मचारी भी सटीक जानकारी नहीं दे पाए।

ये भी पढ़ें:यूपी के 7 जिलों में भारी बारिश, 18 में तेज हवा; गरज-चमक के साथ गिर सकती है बिजली

क्या बोली पुलिस

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि उनके बेटे की सड़क के किनारे लाश मिली थी। पहचान न होने पर पोस्टमार्टम के बाद शव को दफन कराया गया था। कानून के मुताबिक कार्रवाई करते हुए शव को पिता को सुपुर्द करने का प्रयास किया जाएगा।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh
अजय कुमार सिंह दो दशक से अधिक अनुभव वाले वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और टीवी होते हुए अब डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ीं खबरों को गहराई से कवर किया है। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करे| पाएं Lucknow news , Prayagraj News , Varanasi News , Gorakhpur News , Kanpur News , Aligarh News से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में |