Hindi NewsUP NewsA deal worth 1.5 crore to reduce a 23 crore liability to 50 lakh old files of GST officer Prabha Bhandari reopened
23 करोड़ को 50 लाख करने की 1.5 करोड़ में डील, GST अफसर प्रभा भंडारी पर और कसेगा शिकंजा

23 करोड़ को 50 लाख करने की 1.5 करोड़ में डील, GST अफसर प्रभा भंडारी पर और कसेगा शिकंजा

संक्षेप:

जीएसटी डिप्टी डायरेक्टर प्रभा भंडारी की टीम ने एक फर्म की 13 करोड़ रुपए की कर चोरी पकड़ी थी। जबकि ब्याज समेत दोनों फार्म को करीब 23 करोड़ रुपए देने थे। यहां से अफसरों की डीलिंग शुरू हुई। तीनों अफसर मिलकर 1.5 करोड़ रुपए रिश्वत लेकर टैक्सी की राशि घटाकर 50 लाख रुपए कराने की डील कर रह रहे थे।

Jan 05, 2026 02:12 pm ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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सीजीएसटी की डिप्टी डायरेक्ट प्रभा भंडारी और उनके करीबियों की गिरफ्तारी के बाद सस्पेंसन भी हो गया है। अब इनकी पुरानी फाइलें भी खोली जा रही हैं और शिकंजा कसा जा रहा है। जांच में सामने आया है कि एक फर्म के 23 करोड़ रुपये के टैक्स बकाया को निपटाने के लिए 1.5 करोड़ में सौदेबाजी हुई थी। फर्म को 23 करोड़ की जगह केवल 50 लाख टैक्स जमा करना था। यानी राजस्व को सीधे 22.5 करोड़ का चूना एक व्यापारी लगाने जा रहा था।

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सूत्रों की मानें तो कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई करोड़ों की कर चोरी के बाद डिलिंग शुरू हुई। नियम के तहत 50 प्रतिशत जुर्माना व 5 साल के ब्याज के साथ टैक्स वसूला जाना था। इस पर कारोबारी के ऊपर 23 करोड़ रुपए जमा करने का दबाव बनाया गया। इसको लेकर वकील नरेश से संपर्क किया। नरेश ने सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा से बात की। दोनों ने 23 करोड़ की राशि कम कराने के बदले दो करोड़ की डील की। बात करते-करते यह 1.5 करोड़ पर आ गई।

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कैसे हुआ खुलासा?

भ्रष्टाचार की इस बड़ी डील की भनक विजिलेंस और जांच एजेंसियों को लग गई। शुरुआती जांच में साक्ष्य मिलने के बाद विभाग ने प्रभा भंडारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि इस डील में कुछ बिचौलिए और विभाग के अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

जीरो टॉलरेंस: और कसेगा शिकंजा

शासन के निर्देश पर अब प्रभा भंडारी की चल-अचल संपत्ति और पिछले कुछ समय में उनके द्वारा निपटाए गए अन्य टैक्स मामलों की भी फाइलें खोली जा रही हैं। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस तरह की अन्य डील भी पहले की गई हैं।

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इस तरह हुई जीएसटी और सीबीआई की कार्रवाई

18 दिसंबर को सीजीएसटी डिप्टी कमिश्नर व आईआरएस अफसर प्रभा भंडारी के नेतृत्व में सेंट्रल जीएसटी टीम ने झांसी के झोकनबाग स्थित जय दुर्गा हार्डवेयर एवं जय अंबे प्लाईवुड पर छापा मारा था। यहां भारी गड़बड़ी पाई गई थी। माल और करोड़ों रुपए के बिल पकड़े थे। कार्रवाई में टीम ने 13 करोड़ रुपए की कर चोरी पकड़ी थी। जबकि ब्याज समेत दोनों फार्म को करीब 23 करोड़ रुपए देने थे। यहां से अफसरों की डीलिंग शुरू हुई। तीनों अफसर मिलकर 1.5 करोड़ रुपए रिश्वत लेकर टैक्सी की राशि घटाकर 50 लाख रुपए कराने की डील कर रह रहे थे। सीबीआई ने 30 दिसंबर को 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उनके साथ दर्गा हार्डवेयर के मालिक राज मंगनानी और वकील नरेश को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को भी गिरफ्तार किया गया।