IAS रिंकू सिंह राही के खिलाफ साजिश? पुलिस से खुलासे की मांग; सुरक्षा पर भी उठाया था सवाल
आईएएस रिंकू सिंह राही के पोस्ट एक बार फिर वायरल हो रहे हैं। इन पोस्ट्स के साथ ही रिंकू सिंह राही ने ASP को तीन पन्ने का एक लेटर लिखा है। रिंकू सिंह राही ने जानबूझकर फर्जी शिकायतें कराए जाने का आरोप लगाते हुए खुलासे की मांग की है। उन्होंने अपनी सुरक्षा का भी सवाल उठाया है।

आईएएस रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखी गई एक और पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। रिंकू सिंह ने इस पोस्ट से सीधे प्रशासन पर हमला किया है। इस पोस्ट के साथ ही उन्होंने पिछले दिनों एएसपी को लिखे तीन पेज के लंबे चौड़े लेटर को भी वायरल किया है। वायरल हो रही पोस्ट में आईएएस रिंकू सिंह ने लिखा कि जानबूझकर फर्जी शिकायतें कराकर प्रशासन द्वारा किए जा रहे षड्यंत्र का अब खुलासा होना चाहिए। इसके साथ ही रिंकू राही ने अपनी सुरक्षा भी सवाल उठाया है। उन्होंने इस संबंध में भी कई पोस्ट किए हैं। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ वायरल पोस्ट की पुष्टि नहीं करता है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक के बाद एक कई पोस्ट से आईएएस रिंकू सिंह लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। सोमवार को सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए आईएएस रिंकू सिंह ने एक और पोस्ट लिखी। प्रशासन पर फर्जी शिकायतें कराने का आरोप लगाते हुए उन्होंने लिखा कि अब खुलासा करना ही होगा। वास्तविक दोषी (वह या फिर शिकायतकर्ता) जो भी हो जांच कराकर उसे सजा मिलनी ही चाहिए। लगातार नजरअंदाज करते रहने से घेराबंदी और अधिक मजबूत होती जा रही है। वैसे भी मेरा तो एकदम क्लीयर कॉन्सेप्ट है। यदि मेरी कोई गलती है तो मुझे सजा मिलनी ही चाहिए, क्योंकि इससे भविष्य में उसी प्रकार की कोई भी गलती न करने के लिए सीखने को ही मिलता है।
लेटर वायरल करने पर मचा हड़कंप
आईएएस रिंकू सिंह राही के एक्स पर तीन पन्ने का लेटर वायरल करते ही सोमवार को हड़कंप मच गया। जिन तीन पेजों को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, उसमें सरकारी मशीनरी से जुड़े छह बिंदुओं को जिक्र किया गया है। हालांकि यह तीन पन्नों का लेटर बीती 7 अगस्त को अपर पुलिस अधीक्षक को संबोधित बतौर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लिखा गया था। इसमें पिछले दिनों उनके विरुद्ध की गई शिकायती पत्रों का जिक्र करते हुए पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है।
सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की बात
आईएएस रिंकू सिंह राही लगातार अपनी सुरक्षा का भी सवाल उठा रहे हैं। नौ अगस्त को एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि उनकी सुरक्षा को खतरा गंभीर बना हुआ है, फिर भी लगातार अनुरोध करने पर भी शायद जानबूझकर सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई जा रही है। अभी उपलब्ध सभी प्लेटफॉर्म पर लगातार अनुरोध किया जा रहा है, लेकिन पता नहीं क्यों, किसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है? यदि "सुरक्षा बढ़ाए जाने की जरूरत नहीं है" को ही लिखकर दे दें तो माननीय न्यायालय की शरण ली जाए। लेकिन वह भी नहीं। हमेशा की तरह, यदि अपनी सुरक्षा और वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए इन पत्रों को सार्वजनिक किया जाएगा, तो कुछ लोगों की ओर से हरेक बार की तरह यह आरोप लगवाया जाएगा कि पत्र मीडिया में आने के लिए सार्वजनिक किए गए हैं। क्या वाकई में दुर्घटना होने का ही इंतजार करना चाहिए?


