यूपी के ऐसे शहरों में बनेगा बाईपास और फोर लेन भी, योगी ने बताया- केंद्र से मंजूरी भी मिली
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पांच लाख की आबादी वाले हर शहर में एक बाईपास होगा और हर जिला मुख्यालय फोर लेन से जुड़ेगा। इस योजना को लेकर केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उत्तर व दक्षिण जिलों में विकास की नई बयार बहेगी। इन जिलों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजना को स्वीकृति मिल गई है। साथ ही 5 लाख की आबादी वाले हर शहर में एक बाईपास होगा और हर जिला मुख्यालय फोर लेन से जुड़ेगा। इस योजना पर भी केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। करीब 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
मुख्यमंत्री सोमवार को लखनऊ में राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी संग उन्होंने 4,850 करोड़ रुपये से अधिक लागत की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। लोकार्पण में कानपुर-लखनऊ सिक्स-लेन एक्सप्रेस वे, हरदोई -लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (पैकेज-4) का फोर-लेन निर्माण और इंजीनियरिंग कॉलेज चौहारे पर फोर-लेन फ्लाईओवर का शिलान्यास शामिल है। कहा कि आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश की सड़कों व इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की। प्रदेश को 60 हजार करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं को सहमति व स्वीकृति मिली है। पूर्व से पश्चिम तक हमारे पास बेहतरीन कनेक्टिविटी हो गई है। इसमें पूर्वांचल, गंगा, बुंदेलखंड, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे इसमें मुख्य हैं।
पिछली सरकारों ने बना दिया था यूपी को लाचार-
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारू राज्य के रूप में जाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज अपने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुशासन, बेहतरीन सुरक्षा की वजह से पहचाना जाता है। पहले यूपी पहचान के संकट से गुजर रहा था। न नीति थी और न ही नीयत। पिछली सरकारों ने प्रदेश को उपद्रव, कर्फ्यू और दंगाग्रस्त प्रदेश बना दिया था। माफियाओं के सामने लाचार सरकारों ने यूपी को बीमारू राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया था। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर और ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा।
उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान-
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस राज्य में सड़क और गड्ढे में अंतर का पता नहीं चलता था, वह आज सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वे का नेतृत्व कर रहा है। यूपी अब सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क और एयरपोर्ट का संचालन कर रहा है। यही नए उत्तर प्रदेश की पहचान है। पीएम मोदी का विजन था कि नदियों के नेटवर्क का उपयोग इनलैंड वाटरवे के रूप में किया जाए। गडकरी जी ने देश के पहले इनलैंड वाटरवे के रूप में वाराणसी को हल्दिया से जोड़ने का काम किया।
एससीआर को मिलेगा बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के दो मेट्रोपॉलिटन सिटी लखनऊ व कानपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के जरिये कनेक्टिविटी को बढ़ा रहे हैं। यह लखनऊ के आसपास स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के जनपद बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली को जोड़कर भारत की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रुप में स्थापित करने के प्रयास का हिस्सा है।
लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी की खबरें करते हैं। डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दीप नरायन पांडेय वरिष्ठ पत्रकार हैं। दीप अब डिजिटल मीडिया के जाने माने नाम बन गए हैं। दीप हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को बेहतर समझते हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखते हैं। दीप पाठकों की पसंद को समझने और उसी तरह से न्पूज प्रस्तुत करने में माहिर हैं। दीप सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए दीप नरायन पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा के रहने वाले हैं। दीप ने पत्रकारिता की शुरुवात लखनऊ से की। टीवी चैनल से करियर का आगाज करने वाले दीप इसके बाद प्रिंट अमर उजाला लखनऊ में भी रहे। हिन्दुस्तान प्रिंट में वाराणसी, गोरखपुर, फिर लखनऊ में कार्य के दौरान विभिन्न जिलों के डेस्क इंचार्ज रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2012, 2017, 2022, लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनावों के दौरान बेहतर कवरेज कर चुके हैं।
और पढ़ें

