
सीएम योगी के काफिले के आगे अचानक आ गई बस, इंस्पेक्टर-दरोगा नपे; जांच की जद में कई अफसर
सीएम योगी के काफिले के गोरखपुर में शाहपुर से गुजरने के दौरान एक प्राइवेट बस अचानक फ्लीट के आगे आ गई। इससे काफिला कुछ देर के लिए असुरन के पास रुक गया। मौके पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति संभाली। इस घटनाक्रम ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। अब ऐक्शन और जांच शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा व्यवस्था में एक बार फिर चूक सामने आई है। चार दिसंबर को गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र में सीएम की फ्लीट के आगे बस आ जाने से असुरन के पास काफिले को कुछ सेकंड के लिए रोकना पड़ा था। एसएसपी ने शाहपुर इंस्पेक्टर नीरज राय और असुरन चौकी इंचार्ज रविंद्र चौबे को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं कई पुलिस अफसर जांच की जद में आ गए हैं। बेलीपार थानेदार, सीओ बांसगांव और एसपी ट्रैफिक की भी फाइल खोल दी गई है। सुरक्षा प्रोटोकॉल टूटने की घटना को बेहद संवेदनशील मानते हुए जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जा रही है।
चार दिसंबर को मुख्यमंत्री के काफिले के शाहपुर से गुजरने के दौरान एक प्राइवेट बस अचानक फ्लीट के आगे आ गई। इससे काफिला कुछ क्षण के लिए असुरन के पास रुक गया। मौके पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति संभाली, लेकिन घटनाक्रम ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी। प्रारंभिक जांच में शाहपुर थानेदार और असुरन चौकी इंचार्ज की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद दोनों को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही बेलीपार थानेदार की फाइल खोली गई है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। एसपी ट्रैफिक और सीओ बांसगांव की जिम्मेदारियों की जांच के लिए उनकी फाइलें भी खोल दी गई हैं।
सूत्रों के अनुसार इस मामले में 50 से अधिक पुलिसकर्मी जांच की जद में हैं। सभी की ड्यूटी, तैनाती, मौके पर उनकी मौजूदगी व सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन की जांच की जा रही है। पूरे प्रकरण की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। पुलिस विभाग इसे बेहद गंभीर मानकर चल रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए बनाए गए ब्लू बुक प्रोटोकॉल का मामूली उल्लंघन भी बड़ी चूक माना जाता है।
…जुलाई में भी हुई थी लापरवाही, चल रही जांच
बीते जुलाई माह में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम की तैयारी में चूक सामने आई थी। एसएसपी की जांच में खजनी इलाके में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर न तो सुरक्षा मानक तैयार किए गए थे और न ड्यूटी प्वाइंट ही चिह्नित किए गए थे। इस मामले में इंस्पेक्टर खजनी अर्चना सिंह को हटा दिया गया था, जबकि एसएसपी ने सीओ खजनी उदय प्रताप सिंह के खिलाफ जांच का निर्देश दिया था। इसकी जांच जारी है।





