
नौवीं की छात्रा को दो साल से परेशान कर रहा था शोहदा, इस धमकी से टूटा सब्र; नस काटी
पिता का आरोप है कि शोहदा करीब दो साल से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। वह स्कूल आते-जाते समय भी छेड़छाड़ करता था। वह बेटी पर मिलने का दबाव बना रहा था। विरोध पर शुक्रवार को उसने बेटी को उसकी फोटो एडिट कर अभद्र बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी।
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में रहने वाली नौवीं की छात्रा को दो साल से एक शोहदा लगातार परेशान कर रहा था। शुक्रवार को उसने छात्रा को फोटो वायरल करने की धमकी दी। धमकी और प्रताड़ना से त्रस्त छात्रा ने शाम को हाथ की नस काट ली। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती है। उसके पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो, छेड़छाड़ और धमकी की धारा में मुकदमा दर्ज कर मिशन शक्ति के तहत 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया।

दो साल से कर रहा था परेशान
विकास नगर थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी गुडंबा के अबरारनगर का रहने वाला हरगोविंद मिश्र उर्फ उत्कर्ष है। अलीगंज निवासी पीड़ित छात्रा के पिता का आरोप है कि हरगोविंद करीब दो साल से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। वह स्कूल आते-जाते समय भी छेड़छाड़ करता था। लोकलाज के कारण उन्होंने पहले शिकायत नहीं की थी। वह बेटी पर मिलने का दबाव बना रहा था। विरोध पर शुक्रवार को उसने बेटी को उसकी फोटो एडिट कर अभद्र बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी थी। इससे त्रस्त होकर बेटी ने हाथ की नस काट ली। घर में खून से लथपथ हालत में देककर उसे आनन फानन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां भर्ती करा दिया गया।
पूछने पर वह फूट-फूटकर रोने लगी। ढाढस बंधाते हुए उससे पूछा तो उसने जानकारी दी। इसके बाद थाने में पहुंचकर तहरीर दी। तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट और धमकी की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। शनिवार को आरोपी को लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया। मिशन शक्ति अभियान के तहत 24 घंटे के अंदर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कई बार चेतावनी दी गई फिर भी नहीं माना
पुलिस के मुताबिक छात्रा के पिता ने बताया कि पहले वह स्कूल आते जाते समय बेटी पर नजर रखता था। पीछा करता था। उस पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद वह बेटी पर मिलने का दबाव बनाने लगा। जानकारी होने पर उसे कई बार चेतावनी दी गई। इसके बाद भी उसकी हरकतों पर सुधार नहीं हुआ। लोकलाज के कारण थाने में शिकायत नहीं की थी।





